
Karni Sena Lakshmi Tanwar Statement on Swara Bhasker: फिल्म 'पद्मावत' में जौहर के दृश्य पर अभिनेत्री स्वरा भास्कर की टिप्पणी के बाद विवाद गहरा गया है। स्वरा ने निर्देशक संजय लीला भंसाली को खुला पत्र लिखकर इस दृश्य पर अपनी आपत्ति जताई थी। उनके इस बयान पर राष्ट्रीय करणी सेना की महिला नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है।
राष्ट्रीय करणी सेना की महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी तंवर ने एक वीडियो जारी कर स्वरा भास्कर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि स्वरा को क्षत्राणियों और वीरांगनाओं के त्याग पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है। तंवर ने जौहर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए अभिनेत्री को सीधे तौर पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
लक्ष्मी तंवर ने कहा, स्वरा भास्कर 'लव जिहाद' की ब्रांड एंबेसडर, तेरी औकात नहीं है उन वीरांगनाओं और हमारी क्षत्राणियों के बारे में बात करने की। हमारी उन जौहर करने वाली और सतीत्व की रक्षा की खातिर अग्नि स्नान करने वाली वीरांगनाओं की। अरे तेरी औकात तो हमारी उन क्षत्राणियों की जूती के बारे में भी बात करने की नहीं है, जिन्होंने अपनी मृत देह भी जिहादियों के हाथ नहीं लगने दी और उन्होंने जौहर का मार्ग चुना।
पर तेरी जैसी गंध क्या जानेगी उनके बलिदान के बारे में, क्योंकि तेरी एक्टिंग की दुकान पर अब ताला लग चुका है और एक फैशन चल पड़ा है सब कीड़े-मकोड़ों में कि रातों-रात रेटिंग चाहिए, नेम-फेम चाहिए, तो राजपूतों के बारे में उल्टा-सुल्टा बोलो तो वायरल हो जाएंगे। पर आसमान की तरफ मुंह करके थूकने से आसमान की बुलंदी और महानता पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
और बात करती है न तू डर की, तो इस इंडस्ट्री में जब तुझे कोई ठिकाना नहीं मिला और तुझे किसी ने मुंह नहीं लगाया, तो तूने अपने आप को एक जिहादी के आगे परोस दिया। पर ध्यान रखना कि तेरे अलावा वह तीन और रख सकता है तो तू तो सेकेंड हैंड नहीं, फोर्थ हैंड हो गई न। तो यह है तेरी औकात और तेरा वजूद। तो समझ ले कि कायदे में रहेगी तो फायदे में रहेगी, नहीं तो ऐसा उधेड़ूंगी कि सिलाई तो क्या, रफू भी नहीं हो पाएगी।
करणी सेना की महिला विंग की अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने स्वरा पर इतिहास की अज्ञानता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जौहर जैसे महान बलिदान को गलत नजरिए से देखना राजपूत वीरांगनाओं के स्वाभिमान और इतिहास का अपमान है। कीर्ति राठौड़ ने चेतावनी दी कि हिंदू क्षत्राणियों और उनके गौरवशाली इतिहास का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करणी सेना ने स्वरा भास्कर को अपनी भाषा शैली सुधारने की हिदायत देते हुए इस तरह की बयानबाजी के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन की बात कही है।
दिल्ली के 'इंडिया इंटरनेशनल सेंटर' में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' के अंतिम दृश्य पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। मलिक मुहम्मद जायसी के 16वीं सदी के महाकाव्य पर आधारित इस फिल्म में दीपिका पादुकोण (रानी पद्मावती), शाहिद कपूर (महारावल रतन सिंह) और रणवीर सिंह (अलाउद्दीन खिलजी) मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के उस दृश्य का जिक्र करते हुए, जिसमें सैकड़ों महिलाएं रानी पद्मावती के साथ 'जौहर' (अग्नि में कूदकर आत्मदाह) करती हैं, स्वरा ने इसकी प्रासंगिकता पर गंभीर सवाल उठाए।
स्वरा का तर्क था कि यह दृश्य आधुनिक समाज की यौन हिंसा से पीड़ित या दरिंदगी का शिकार हुई महिलाओं को गलत संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे दृश्यों से ऐसा महसूस होता है मानो महिलाओं का जीवन और उनका मूल्य केवल उनकी तथाकथित 'पवित्रता' से ही जुड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम आज की महिलाओं को यह सिखाना चाहते हैं कि अपनी इज्जत बचाने के लिए खुद को मार देना ही एकमात्र बहादुरी है? क्या दरिंदगी किसी महिला के जीवन का अंत माना जाना चाहिए? उनके अनुसार, यह चित्रण उन महिलाओं में अपराधबोध और कायरता की भावना पैदा कर सकता है जो यौन उत्पीड़न के बाद भी जी रही हैं।
स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर उनकी कड़ी आलोचना हुई और उन्हें भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। इस बढ़ते विवाद के बीच, स्वरा ने अपने एक्स (X) हैंडल पर एक वीडियो साझा कर अपना पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मूल बयान को तोड़-मरोड़कर और गलत तरीके से अनुवादित करके पेश किया जा रहा है।
स्वरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रानी पद्मावती या 'जौहर' करने वाली महिलाओं को कभी 'कायर' नहीं कहा। उन्होंने मीडिया और आलोचकों पर लोगों को भड़काने के लिए झूठे दावे फैलाने का आरोप लगाया। स्वरा ने जनता से अपील की कि लोग किसी भी राय पर पहुंचने या आलोचना करने से पहले उनका पूरा और असली बयान सुनें। उन्होंने दृढ़ता से दोहराया कि यौन हिंसा का शिकार होने के बाद भी हर महिला को सम्मानपूर्वक जीने का पूरा अधिकार है।