
Pahalgam Terror Attack : पहलगाम में आतंकी हमले का शिकार हुए नीरज उधवानी (34 वर्ष) मालवीय नगर मॉडल टाउन स्थित फॉरेस्ट व्यू रेजीडेंसी के रहने वाले थे। दुबई में कार्यरत नीरज शिमला में दोस्त की शादी में शामिल होने के बाद पत्नी आयुषी के साथ कश्मीर घूमने गए थे। नीरज की मौत की खबर सुनकर मां ज्योति उधवानी बार बार बेहोश हो रही थी। होश में आने पर कह रही थी कि आखिर उनके बेटे का कसूर क्या था। नीरज की मां ने कहा कि उनका दर्द तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक ये आतंककारी मारे नहीं जाएंगे। ऐसा दर्द दिया जिसे जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।
पहलगाम आतंकी हमले के शिकार जयपुर के नीरज उधवानी की कश्मीर (जन्नत) घूमने की इच्छा थी। यही वजह रही कि जब दोस्त की शादी में शिमला जाने का मौका मिला तो वह कश्मीर जाने से खुद रोक नहीं पाया। पत्नी आयुषी से कहा कि ऐसा मौका फिर नहीं मिल सकता। नीरज ने वर्ष 2013 में राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह फाइनेंस क्षेत्र में काम करने दुबई चला गया। वह विदेश में रहकर बड़ा नाम कमाना चाहता था। नीरज के पिता प्रदीप कुमार दुबई में रहते थे। 10 साल पहले उनका निधन हो गया था।
नीरज दुबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट था। उसकी पत्नी भी वहां पर चार्टर्ड अकाउंटेंट है। ताऊ भगवान दास ने बताया कि नीरज और आयुषी की शादी फरवरी 2023 में पुष्कर में हुई थी। 16 अप्रेल को वह शिमला में दोस्त की शादी के लिए दुबई से आया था। 21 अप्रेल को वह पत्नी के साथ कश्मीर घूमने चला गया। 22 अप्रेल को पहलगाम में आतंकियों ने आयुषी के सामने ही उसे गोली मार दी।
नीरज की पत्नी आयुषी ने सबसे पहले आंतकी हमले की सूचना नीरज के बड़े भाई किशोर उधवानी को दी। पत्नी ने जेठ किशोर को बताया कि नीरज को गोली लग गई है। सुरक्षा बलों ने हम लोगों को सुरक्षित स्थान पर रखा है। यह सुनकर भाई किशोर के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह रोने लग गए। किशोर और शुभि दोनों आयकर विभाग में इंस्पेक्टर है। बुधवार देर शाम नीरज का शव जयपुर लाया गया।
आतंकी हमले में जान गंवाने वाले नीरज के मालवीय नगर मॉडल टाउन स्थित घर में मातम पसरा है। इधर मां ज्योति उधवानी का रो-रोकर बुरा हाल है। नीरज ने सोमवार रात मां को फोन कर कहा था कि मैं कश्मीर घूमने जा रहा हूं। घूमकर वापस आऊंगा। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि वह उसकी आखिरी कॉल होगी।
नीरज की उन बातों को याद कर मां रो रही है। उनके अनुसार बेटा उन्हें दिन में कई कॉल करता था। एक बार फोन नहीं उठाया तो वह परेशान हो गया। जब उसे बताया कि मोबाइल खराब हो गया है तो बोला आकर मैं नया दिलाता हूं। नीरज के फूफा ने बताया कि अब पीएम नरेन्द्र मोदी को देर नहीं करनी चाहिए। आतंकियों के ठिकानों पर हमला कर देना चाहिए। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ही पहलगाम के मृतकों को शांति मिलेगी।