
Rajasthan News : राजस्थान के शहरों में करीब एक लाख भूखंड खाली पड़े हैं, जो बिक नहीं रहे। ये भूखंड विकास प्राधिकरण और नगर विकास न्यासों की आवासीय योजनाओं के हैं। अब सरकार ने इनके लिए खरीदार खोजने के लिए प्राधिकरण, न्यास को रियायत दी है।
प्राधिकरण, न्यास इन भूखंडों को नीलामी की बजाय लॉटरी के जरिए बेच सकेंगे। हालांकि, इसमें वे योजनाएं शामिल होंगी, जिनमें 20 प्रतिशत या इससे अधिक आवासीय भूखंड बचे हैं। नगरीय विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, जो 31 दिसम्बर तक प्रभावी रहेंगे।
प्राधिकरण, यूआइटी ने ज्यादातर आवासीय योजनाएं वहां बना दी, जो आबादी से दूर हैं। न तो वहां तक पहुंचने की सुविधा है और न एप्रोच रोड। योजनाओं में मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है, जो रहने के लिए जरूरी है। बिजली के पोल जरूर नजर आते हैं, लेकिन विद्युत सप्लाई नहीं है।