Rajasthan Budget: राजस्थान बजट 2026 में ग्रामीण विकास, आदिवासी अधिकार और उद्यमियों को बड़ा फोकस मिला। मिनी सचिवालय व पंचायत इंफ्रा के लिए 3000 करोड़, आदिवासी किसानों को खातेदारी अधिकार और उद्यमियों को आसान वर्किंग कैपिटल लोन व ‘Make in India’ को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने की घोषणा हुई।
Rajasthan Budget 2026: राजस्थान विधानसभा में बजट चर्चा के समापन सत्र के दौरान वित्त मंत्री दीया कुमारी ने प्रदेश के समावेशी विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। इस दौरान ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आदिवासी समुदायों को न्याय दिलाने और छोटे उद्यमियों के लिए बिजनेस इकोसिस्टम को सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
सरकार ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने के लिए 3,000 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग प्रदेश के मिनी सचिवालयों के आधुनिकीकरण में होगा।
94 नई पंचायत समितियों और 3,467 ग्राम पंचायतों में अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच तेज और प्रभावी होगी।
एक बड़े मानवीय और कानूनी कदम में सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के किसानों की दशकों पुरानी राजस्व समस्या का समाधान कर दिया है। अधिनियम में संशोधन कर अब किसानों को उनकी जमीन का 'खातेदारी अधिकार' दिया जाएगा।
इससे राजस्व रिकॉर्ड में किसानों के नाम दर्ज हो सकेंगे, जिससे उन्हें न केवल अपनी भूमि पर मालिकाना हक मिलेगा, बल्कि कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना भी आसान हो जाएगा।
व्यापार जगत को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने दो प्रमुख घोषणाएं कीं। वर्किंग कैपिटल सपोर्ट: सरकारी वर्क ऑर्डर मिलने के बाद अक्सर उद्यमियों को कार्यशील पूंजी की कमी का सामना करना पड़ता है। अब बैंकों और NBFC के माध्यम से उचित दरों पर आसान लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकारी खरीद (Public Procurement) में अब 'Make in India' के तहत देश में निर्मित उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्थानीय उद्योगों को बड़े ऑर्डर मिलने का रास्ता साफ होगा।
बजट की ये घोषणाएं दर्शाती हैं कि राजस्थान सरकार बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण को समान महत्व दे रही है। इन कदमों से जहां गांवों का चेहरा बदलेगा, वहीं आदिवासियों के जीवन में स्थिरता आएगी।