राजस्थान बजट 2026 में ‘राज सुरक्षा’ योजना का ऐलान हुआ। सड़क हादसों में गोल्डन ऑवर इलाज के लिए 24×7 कमांड सेंटर बनेगा। अब CHC पर टेली-थ्रॉम्बोलीसिस से हार्ट अटैक का प्राथमिक उपचार संभव होगा। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, नए अस्पताल ढांचे और आरोग्य योजना में बड़ी राहत दी गई।
Rajasthan Budget 2026: राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट 2026 में 'स्वस्थ राजस्थान-समृद्ध राजस्थान 2047' के विजन के साथ चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलावों का रोडमैप पेश किया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में औसत आयु (Life Expectancy) को 77 वर्ष के पार ले जाना और हर नागरिक तक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 'गोल्डन ऑवर' में जान बचाने के लिए सरकार ने RAJ-SURAKSHA योजना की घोषणा की है। इसके तहत एक 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कमांड सेंटर बनेगा, जो दुर्घटना के समय नजदीकी एम्बुलेंस और अस्पताल की सटीक जानकारी प्रदान करेगा। यह सिस्टम रिस्पॉन्स टाइम को कम कर घायलों को त्वरित इलाज सुनिश्चित करेगा।
बजट की सबसे बड़ी राहत ग्रामीण इलाकों के लिए है। अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर ही हार्ट अटैक की पहचान और प्राथमिक उपचार संभव होगा। 'टेली एक्स थ्रांबोसिस' तकनीक के माध्यम से गांवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पर तत्काल इंजेक्शन और उपचार दिया जा सकेगा, जिससे अस्पताल पहुँचने से पहले होने वाली मौतों को रोका जा सके।
युवाओं में बढ़ते तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने संवेदनशील पहल की है। जिला अस्पतालों में मनोचिकित्सकों के साथ-साथ अब साइकोलॉजिकल काउंसलर्स की भी नियुक्ति होगी। प्रदेश के सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर महीने मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेशन अनिवार्य किए जाएंगे। जयपुर के JK लोन प्रमुख बाल अस्पताल में 75 करोड़ की लागत से 500 बेड का नया IPD टावर बनेगा।
अब कागजों की कमी के कारण इलाज नहीं रुकेगा। जिन परिवारों के पास पूरे दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी 'मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना' का लाभ मिलेगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष 'आरोग्य शिविर' लगाए जाएंगे। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (MMR/IMR) में कमी लाना और 2047 तक राजस्थान को स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।