Rajasthan Agri Business Hub: अन्नदाता की मेहनत को उद्योगों का साथ मिलते ही न केवल किसानों की आय दोगुनी होगी, बल्कि राजस्थान के करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
Rajasthan Budget Agriculture Sector: जयपुर। राजस्थान के खेतों में पैदा होने वाली फसलें केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कोटा का महकता धनिया हो या सवाई माधोपुर के मीठे अमरूद, बीकानेर की मूंगफली हो या जैसलमेर का जीरा। प्रदेश का हर जिला अपनी एक खास उपज के लिए पहचान रखता है।
विडंबना यह है कि खेतों का यह सोना' आज भी प्रोसेसिंग और उद्योगों की राह ताक रहा है। अगर इन उपजों को स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज और बेहतर मार्केटिंग का साथ मिल जाए, तो राजस्थान 'कृषि-बिजनेस' के ग्लोबल हब के रूप में उभर सकता है।
अन्नदाता की मेहनत को उद्योगों का साथ मिलते ही न केवल किसानों की आय दोगुनी होगी, बल्कि प्रदेश के करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। 11 फरवरी को भजनलाल सरकार बजट पेश करेगी, ऐसे में इन जिलों में प्रोसेसिंग यूनिट की बड़ी दरकरार है।
1. अजमेर
चनाः बना प्रमुख उपज है। 50% से अधिक चने की खेती होती है।
क्या चाहिए: प्रोसेसिंग यूनिट लगे, बेसन नमकीन और दाल उद्योग।
2. अलवर
प्याजः हर साल 2 लाख क्विटल से अधिक प्याज की आवक होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट और भंडारण की व्यवस्था।
3. बारां
लहसुनः बारां में गुणवत्ता और लंबी शेल्फ लाइफ वाला लहसुन होता है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट और स्टोरोज हथ, लहसुन का पाउडर और पेस्ट उद्योग।
4. भरतपुर
शहदः भरतपुर में शहर उद्योग का 300 करोड़ रुपए का टर्नओवर है।
क्या चाहिए: बाडिंग और सहकारी उपक्रम के माध्यम से मार्केटिंग।
5. भीलवाड़ा
मक्काः भीलवाड़ा की मक्का का खाड़ी देशों तक निर्यात होता है।
क्या चाहिएः फूड प्रोसेसिंग यूनिट, एथनॉल प्लांट।
6. बीकानेर
मूंगफलीः एक सीजन में 1 करोड़ बोरी मूंगफली की आवक होती है।
क्या चाहिएः पीनट बटर, पाउडर, वैल्यू एडेड प्रोडेक्ट यूनिट लगे।
7. बूंदी
धानः धान उत्पादक जिला हैं।
क्या चाहिएः धान अनुसंधान केन्द्र।
8. चूरू
ग्वारः यहां की ग्वार को देश-विदेश में मांग है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट, बिक्री के लिए मार्केट, एमएसपी पर खरीद हो।
9. बांसवाड़ा
गन्नाः यह जिला गन्ने की खेती के लिए अनुकूल है।
क्या चाहिएः गुड़ के लिए बाजार मिले।
10. डूंगरपुर
मक्काः जिले में 90 हजार मीट्रिक टन मक्का का उत्पादन।
क्या चाहिएः एमएसपी पर खरीद हो, प्रोसेसिंग यूनिट लगे।
11. बाड़मेर
ईसबगोलः 1.25 लाख हेक्टयर में बुवाई होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट।
12. झालावाड़
लहसुनः लहसुन उत्पादन में प्रदेश में दूसरे नंबर पर है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट और स्टोरोज हब, पाउडर और पेस्ट उद्योग।
13. हनुमानगढ़
कपासः उत्तम उत्पादन होता है। 1.5 लाख हेक्टेयर में खेती।
क्या चाहिएः कपास आधारित उद्योग, उपज का दाम पूरा मिले।
14. जैसलमेर
जीरा: 30.85 प्रतिशत क्षेत्र में जीरे की पैदावार होती है।
क्या चाहिए: प्रोसिंग उद्योग, मसाला पार्क, पैकेजिंग यूनिट।
15. धौलपुर
आलूः आलू का उत्पादन है. भंडारण की व्यवस्था नहीं है।
क्या चाहिए: कोल्ड स्टोर
16. जयपुर
टमाटरः बस्सी लूंगा में करीब 400 हैक्टेयर में खेती होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट
17. झुंझुनूं
सरसों: सरसों का रकबा 9.650 हैक्टेयर बढ़ा।
क्या चाहिएः तेल मिल।
18. जोधपुर
बाजराः जिले में बाजरा का खासा उत्पादन होता है।
क्या चाहिएः मंडी टैक्स की कमी हो. प्रोसेसिंग यूनिट लगे।
19. करौली
सरसोंः यहां की सरसों की अलग पहचान है।
क्या चाहिए: ऑयल प्लांट लगे।
20. कोटा
धनियांः धनिया उत्पादन में राज्य में नम्बर एक पर है।
क्या चाहिएः स्पाइस, प्रोसेसिंग यूनिट, रोडिंग और पैकेजिंग यूनिट।
21. नागौर
अश्वगंधांः नागौर की अश्वगंधा की पहचान वैश्विक स्तर पर है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट।
22. सवाईमाधोपुर
अमरूदः मिठास खास है।
क्या चाहिए: मार्केटिंग।
23. सीकर
प्याजः 4 लाख मीट्रिक टन प्याज उत्पादन प्रतिवर्ष होता है।
क्या चाहिएः ड्राई स्टोरेज बने।
24. श्रीगंगानगर
किन्नूः देश का सबसे बड़ा अच्छी गुणवत्ता किन्नू हब है।
क्या चाहिए: प्रोसेसिंग यूनिट।
25. दौसा
सरसों: जिले में सरसों की खेती अधिक होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट।