
Rajasthan Rain Alert: जयपुर: सावन के पहले सोमवार पर आखिर राजस्थान के पूर्वी जिलों को बारिश का आशीर्वाद मिल ही गया। मानसून ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर खिसकने से सोमवार को श्रीगंगानगर, भरतपुर, जयपुर और सीकर जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश हुई। सर्वाधिक 62 मिमी (ढाई इंच) बारिश श्रीगंगानगर में दर्ज की गई।
वहीं, डीग, धौलपुर, करौली और सीकर के कई क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर अब उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर परिसंचरण तंत्र के रूप में सक्रिय है। इससे जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार है।
मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 अगस्त को प्रदेश के उत्तरी एवं पूर्वी भागों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। जबकि शेष अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर कमजोर रहेगा। वहीं, 6 से 8 अगस्त के दौरान उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में फिर बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में इस अवधि के दौरान बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है।
गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। श्रीगंगानगर के श्रीकरणपुर, श्रीविजयनगर, गजसिंहपुर, राजियासर, हिंदूमलकोट में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं, सीकर जिला और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी सुबह से बारिश का दौर चला।
सबसे अधिक बारिश अजमेर रोड, वैशाली नगर, चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में हुई। इसके अलावा कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश का दौर रात 11 बजे तक चलता रहा। जयपुर कलक्ट्रेट पर 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
जयपुर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर जिले के लाखों बाशिंदों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध पर इस बार आषाढ़ की बेरुखी भारी पड़ी है। जुलाई का पूरा माह बीतने के बाद भी कैचमेंट एरिया में नाममात्र की बारिश होने से बांध का गेज रफ्तार नहीं पकड़ रहा। यहां वर्तमान जलस्तर 313.57 आरएल मीटर है। राहत की बात यह है कि चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा अंचल में बारिश के बाद प्रसिद्ध मेनाल जलप्रपात यौवन पर आया था। मेनाल का यह पानी पहले गोवटा बांध में पहुंचता है। गोवटा के ओवरफ्लो के बाद पानी त्रिवेणी संगम की ओर बढ़ता है।
सावन के पहले सोमवार को बरसे मेघों ने गुलाबी नगर की फिजा ही बदल दी। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश ने शहर की रफ्तार भले ही कुछ देर थाम दी हो, लेकिन लोगों के चेहरे पर मुस्कान भी ला दी। फुहारों ने मौसम में ऐसी मिठास घोली कि हर ओर सावन का रंग और उमंग नजर आया।
आसमान से गिरती बूंदों के बीच कहीं लोग छतरियों का सहारा लेते दिखे, तो कहीं बारिश की फुहारों में भीगते नजर आए। अल्बर्ट हॉल के सामने भी बारिश का खूबसूरत रंग देखने को मिला, जहां कई युवतियां दोस्तों के साथ तो कई परिवार के साथ नजर आईं।
सावन मास के शुरू होते ही देशभर में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। सावन के पहले सोमवार को कई राज्यों में कहीं भारी तो कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश का दौर जारी रहा। जम्मू-कश्मीर के शोपियां के बदरहामा गांव में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। कई घरों में पानी घुस गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कुपवाड़ा में भी बादल फटने की घटना के दौरान एक महिला की मौत हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में 120 मिमी से 200 मिमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 110 मिमी तक भारी बारिश दर्ज की गई।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में लैंडस्लाइड से एनएच पर यातायात बाधित हो गया। छत्तीसगढ़ में बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर पुल टूट गया। इसी दौरान पुल से गुजर रही एक यात्री बस फंस गई। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के चलते उत्तरप्रदेश में गंगा, घाघरा समेत 10 नदियां उफान पर है।