उच्च शिक्षा विभाग ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप 2025-26 की गाइडलाइन जारी की है। अब विदेश में 150 और देश में 350 सीटों पर छात्रवृत्ति मिलेगी। पढ़ाई पूरी करने के बाद राजस्थान में नौकरी अनिवार्य होगी। साथ ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट, शोध और मेंटरिंग जैसी नई शर्तें जोड़ी गई हैं।
जयपुर: उच्च शिक्षा विभाग ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एसीलेंस योजना 2025-26 की गाइडलाइन जारी की है। नई गाइडलाइन में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों में 150 सीटों और देश में 350 सीटों पर स्कॉलरशिप दी जाएगी।
बता दें कि इससे पहले पिछले सत्र में विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों में 300 सीटों और देश में 200 सीटों पर स्कॉलरशिप दी जाती थी। वहीं, जब 2021-22 में योजना शुरू की गई तब विदेश में 500 सीटों पर स्कॉलरशिप थी। योजना में इस बार कई अहम शर्तें भी जोड़ी गई हैं।
अब छात्रवृत्ति प्राप्त अभ्यर्थी कोर्स समाप्त होने के बाद प्रथम प्राथमिकता के आधार पर राजस्थान में जॉब तलाश करेंगे और राज्य को अपनी अकादमिक दक्षता से लाभान्वित करेंगे। योजना के आवेदन गुरुवार से ऑनलाइन पोर्टल पर शुरू हो गए।
-अभ्यर्थी अध्ययन अवकाश के समय राज्य सरकार की स्कीमों का तुलनात्मक अध्ययन व सुधार के लिए प्रोजेट रिपोर्ट तैयार करेंगे।
-इंजीनियङ्क्षरग कोर्सेज में अध्ययनरत छात्रों से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा।
-अभ्यर्थी को अपनी रिसर्च, प्रस्तुत किए पेपर-प्रोजेक्ट कार्य या अन्य किसी प्रकार की शैक्षणिक रिपोर्ट राज्य सरकार को भी ईमेल पर देनी होगी।
-राज्य सरकार की ओर से अभ्यर्थी को ऑनलाइन इंट्रेशन के लिए आमंत्रित किए जाने पर उपस्थित होना होगा।
-अभ्यर्थी छात्रवृत्ति योजना का प्रचार-प्रसार करेंगे।
-अभ्यर्थी ऑनलाइन मोड में दूसरे जरूरतमंद छात्रों की भी विदेश अध्ययन में सहायता करेंगे।
-500 से घटकर विदेश में अब 150 सीटें
-देश में 350 सीटों पर स्कॉलरशिप
-राजस्थान में नौकरी सहित कई शर्तें भी