जालोर जिले में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने करवट ली और बारिश व ठण्डी हवा चली। तापमान में गिरावट के साथ बादल, बूंदाबांदी और धूप का मिश्रित दौर बना रहा, जिससे सर्दी फिर बढ़ गई।
जालोर। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ इसका असर जालोर जिले में भी नजर आया। शनिवार सवेरे आसमान में बादल छाए रहे और कोहरे का असर भी रहा। सर्द हवा चली और बूंदाबांदी भी हुई। बारिश से अचानक तापमान में गिरावट आई। सवेरे 10 बजे के बाद हालांकि धूप खिल जाने से राहत मिली, लेकिन सर्द हवा ने लोगों को बेहाल किया। दोपहर में भी चली ठंडी हवा से बचाव को लोग ऊनी वस्त्रों में लिपटे नजर आए। बारिश के बाद हवा चलने से तापमान में गिरावट आई।
कृषि विज्ञान केंद्र केशवना के अनुसार मौसम में यह बदलाव आगामी दो दिन तक जारी रहेगा। जिले में इसके प्रभाव से आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। साथ ही कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चलेंगी।
इस बार सर्वाधिक गेहूं, चना, सरसों, इसबगोल की बुवाई की गई है। पिछले तीन दिन से मौसम में बदलाव के बीच तापमान में काफी इजाफा हुआ था। दक्षिणी पश्चिमी हवा के प्रभाव से तापमान में बढ़ोतरी से किसान चिंतित थे।
मौसम में इस बदलाव से तापमान में फिर से गिरावट आई है और नमी में इजाफा हुआ है, जिससे फायदा होगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बूंदाबांदी और आसमान में बादलों की आवाजाही के बाद दोपहर में धूप खिली रहने से फसलों को फायदा है, किसी तरह का नुकसान नहीं है।
15 जनवरी को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया। यह सीजन की सबसे ठंडी रात थी। इसी तरह 16 जनवरी को 4.8 डिग्री, 17 जनवरी को 6.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जबकि पूरी जनवरी में दिन का तापमान 20 डिग्री से अधिक ही रहा है।
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सभी फसलों के लिए मौसम अनुकूल है। इससे फसलों की वृद्धि तेज गति से होगी। बारिश और बादल छाए रहने के साथ धूप खिली रहती है, इसलिए किसी तरह का नुकसान भी फसलों में नहीं है।
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