Bypass Of National Highway 325: अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से जालोर में बीटूमीन की कमी हो गई है। इससे नेशनल हाईवे-325 बायपास का निर्माण कार्य धीमा पड़ गया है और लागत भी बढ़ गई है।
जालोर। अमरीका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय विकास कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की आपूर्ति प्रभावित होने से बीटूमीन (डामर) की कमी पैदा हो गई है, जिससे जालोर के नेशनल हाईवे-325 बायपास का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है।
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विभागीय जानकारी के अनुसार, बीटूमीन सड़क निर्माण का प्रमुख घटक है, जो कच्चे तेल से ही तैयार होता है। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण इसकी उपलब्धता कम हो गई है। ठेकेदारों को समय पर पर्याप्त मात्रा में बीटूमीन नहीं मिल पा रहा है, जिससे निर्माण कार्य बाधित हो रहा है।
युद्ध से पहले डामर के भाव 45 से 55 रुपए प्रति किलो के बीच थे, जो अब बढ़कर 73 से 80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कीमतों में इस बढ़ोतरी से निर्माण लागत भी काफी बढ़ गई है, जिससे ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।
बायपास का काम पहले ही तय समय से पीछे चल रहा था, लेकिन अब कच्चे माल की कमी और बढ़ी कीमतों ने इसे और प्रभावित कर दिया है। निर्माण एजेंसियों का कहना है कि जैसे ही बीटूमीन की सप्लाई सामान्य होगी, कार्य में तेजी लाई जाएगी।
एजेंसी की ओर से बायपास का कार्य अप्रेल माह में पूरा करने का दावा किया गया है, लेकिन अभी लाइटिंग, साइन बोर्ड, डिवाइडर फिनिशिंग सहित कई अन्य काम शेष हैं। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए तय समय सीमा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बायपास का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जालोर शहर को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। भारी वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश कम होगा और यातायात सुचारू हो सकेगा। वर्तमान में बायपास का निर्माण पूरा नहीं होने से शहर में यातायात का दबाव बना हुआ है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे-325 के स्टील आर्च ब्रिज के 400 मीटर हिस्से में डामरीकरण का काम बाकी है। डामर की उपलब्धता में आई कमी से काम में देरी हो रही है। महंगाई का असर भी इस कार्य पर पड़ रहा है। डामर की उपलब्धता होने के साथ ही 400 मीटर इस हिस्से के अलावा बचे हुए अन्य हिस्सों में भी कार्य किया जाएगा।
नेशनल हाईवे-325 बायपास के तहत निर्माणाधीन ब्रिज पर बीटूमीन की कमी के चलते कार्य प्रभावित हो रहा है। ब्रिज के डेक स्लैब पर करीब 300 मीटर हिस्से में बीटूमीन का कार्य शेष है। वर्तमान में बीटूमीन की कमी के कारण आगे का काम रुका हुआ है। जल्द ही काम को पूरा कर लिया जाएगा।