
Rajasthan Teacher Recruitment Scam: जालोर: सरकारी नौकरी हथियाने के लिए बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े किए गए और इस तरह के फर्जीवाड़े का केंद्र जालोर जिला भी रहा। सरकार की ओर से पिछले पांच साल में हुई सरकारी नियुक्तियों की जांच में शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर की अनियमितताएं और गड़बड़ियां सामने आईं। इस तरह के मामलों में विभागीय जांच के बाद एसओजी मुख्यालय जयपुर में प्रकरण दर्ज हुए और उसके बाद आरोपियों को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया।
नियुक्ति प्राप्त कुछ कार्मिक तो पक्ष रखने पहुंचे ही नहीं, जबकि जो पहुंचे भी उनके दस्तावेजों में फर्जीवाड़े के तथ्य सामने आए। उसके बाद उनकी सेवा समाप्ति की सिफारिश एसओजी की ओर से विभाग को की गई। जालोर में 15 कार्मिकों को बर्खास्त और 21 कार्मिकों को निलंबित किया गया, जबकि 113 कार्मिक के मामले एसओजी जांच के दायरे में हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती 2022 में जांच के बाद परमेश्वरी विश्नोई, विमला, एलची, विक्रम, सुरेश कुमार, चेतन पुरोहित, भारमल, राजाराम, मनोहरलाल, गणपतलाल और अशोक कुमार को बर्खास्त किया गया। बर्खास्त की कार्रवाई 15 जनवरी 2025 से 5 जून 2025 के बीच की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक के अंतर्गत 5 अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जो फर्जीवाड़े में सहभागी बने, जिन्हें निलंबित किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक के अंतर्गत नकल प्रकरण में संलिप्तता पर 5 कार्मिकों की सेवाएं समाप्त की गई।
भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी को ऐसे समझा जा सकता है कि सरकार ने पिछले पांच साल की नियुक्तियों की जांच करवाई तो बड़े स्तर पर खामियां और गड़बड़ियां मिली। शिक्षा विभाग की बात करें तो 113 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के खिलाफ मामले दर्ज किए। जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल परमार ने बताया कि ये मामले एसओजी मुख्यालय जयपुर में विचाराधीन हैं। इन मामलों में हस्ताक्षर और फोटो मिसमैच के मामले ज्यादा है। हालांकि ये अभी ऑन ड्यूटी है। गड़बड़ी पुख्ता होने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।