जालोर

राजस्थान में ₹1500 की नौकरी करने वाला बना कंस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक, गोमाता ‘राधा’ के लिए बनवा रहा 1 करोड़ का ‘राधामहल’

राजस्थान के रानीवाड़ा के धानोल गांव में गोमाता ‘राधा’ के लिए करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से भव्य ‘राधामहल’ बनाया जा रहा है। राधा के प्रति परिवार की आस्था इतनी गहरी है कि वे उसे परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं।
2 min read
Aug 12, 2026
raniwada radha mahal for cow
रानीवाड़ा के धानोल गांव में गोभक्ति की अनूठी मिसाल (पत्रिका फोटो)

पाली/जालौर: आलीशान बंगला, संगमरमर की फर्श, आकर्षक डिजाइन और हर सुख-सुविधा का इंतजाम…आमतौर पर यह सब इंसानों के लिए होता है। लेकिन जालौर जिले के रानीवाड़ा उपखंड के धानोल गांव में बन रहा एक आलीशान बंगला गोमाता 'राधा' के लिए है। करीब एक करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह 'राधा महल' इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। निर्माणाधीन महल को देखने रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

राधा के लिए बनवाए 10 किलो चांदी के गहने

राधा के प्रति परिवार का लगाव यहीं तक सीमित नहीं है। उसके लिए करीब 10 किलो चांदी के आभूषण भी बनवाए गए हैं। खास अवसरों और धार्मिक आयोजनों पर राधा को ये आभूषण पहनाए जाते हैं।

गोमाता 'राधा'

परिचितों ने मारा ताना तो ठानी बंगला बनाने की

रेलवे ठेकेदार नरेंद्र पुरोहित के घर में राधा परिवार के सदस्य की तरह रहती है। परिवार के लोग सुबह-शाम राधा के दर्शन और पूजा के बाद ही भोजन करते हैं। घर में नरेंद्र बताते हैं कि परिवार और परिचित अक्सर कहते थे कि जब राधा को इतना मानते हो तो उसके लिए महल क्यों नहीं बनवाते। यही बात उनके मन में बैठ गई और उन्होंने राधा के लिए भव्य बंगला बनवाने का निर्णय लिया।

गोमाता के लिए बन रहा राधामहल

1500 रुपए की नौकरी से शुरू हुआ सफर

नरेंद्र के पास करीब 25 गाय हैं, लेकिन राधा उनके लिए सबसे खास है। कांकरेज नस्ल की राधा वर्ष 2019 में उनके घर आई थी। उस समय नरेंद्र करीब 1500 रुपए प्रतिमाह की नौकरी करते थे। उनका मानना है कि राधा के घर आने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया। काम बढ़ता गया और आज वे कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक हैं।

Updated on:
12 Aug 2026 03:21 pm
Published on:
12 Aug 2026 03:21 pm