CG News: ग्रामीणों के मुताबिक एक ओर सरकार चाह रही है कि सोलर सिस्टम को बढ़ावा मिले लेकिन विभागीय अधिकारी ही योजना से जुड़ी जानकारी को देने से इनकार कर रहे हैं।
CG News: जांजगीर-चांपा जिले के सभी ग्राम पंचायतों में सोलर सिस्टम लगाना है लेकिन बिलासपुर स्थित क्रेडा के एसडीओ द्वारा टीएस नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते सरपंच वर्ग के लोग अच्छे खासे परेशान हैं। सरपंचों ने मांग की है कि उन्हें आरईएस के माध्यम से काम मिले। लेकिन बिलासपुर से कोई स्वीकृत नहीं मिल रही। इसके चलते सरपंच वर्ग के लोगों में नाराजगी है।
गौरतलब है कि मोदी सरकार ने सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए गांव-गांव में सोलर सिस्टम लाइट लगाने की बात कही है। योजना का तेजी से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारी विभागीय योजनाओं में पलीता लगाने जुटे हुए हैं। खास बात यह है कि पंचायतों में सोलर लाइट लगाने के लिए बिलासपुर आफिस स्थित एसडीओ से अनुमति लेनी पड़ती है, लेकिन एसडीओ इस संबंध में अनुमति नहीं दे रही है।
इसके चलते विभागीय योजना का शुरुआती दौर में बुरा हाल होते नजर आ रहा है। क्योंकि शासन चाह रही है कि यह काम क्रेडा के माध्यम से लगे। वहीं आरईएस सहित अन्य विभाग चाह रही है कि ग्राम पंचायतों में यह काम हमें मिले। लेकिन यह काम आईएसा को नहीं मिल रहा है। ऐसे में दोनों विभागों के बीच तनातनी चल रही है। क्रेडा विभाग के एसडीओ आफिस बिलासपुर है। जहां लोग पहुंचकर आरईएस के माध्यम से काम कराना चाह रहे हैं लेकिन एसडीओपी उक्त काम के लिए टीएस नहीं दे रहीं हैं। इसके चलते पेंच अड़ा हुआ है।
CG News: ग्रामीणों के मुताबिक एक ओर सरकार चाह रही है कि सोलर सिस्टम को बढ़ावा मिले लेकिन विभागीय अधिकारी ही योजना से जुड़ी जानकारी को देने से इनकार कर रहे हैं। इसके चलते पंचायतों में सोलर सिस्टम से जुड़े कोई काम नहीं हो रहा है। जबकि पहले आरईएस के माध्यम से ग्राम पंचायतों में सोलर सिस्टम से गांव उजियारा हो रहा था लेकिन अब एसडीओ बिलासपुर द्वारा इस पर रोड़ा अटकाया जा रहा है।
ममता राही, एसडीओ, क्रेडा: शासन के गाइडलाइन के मुताबिक सोलर सिस्टम का काम क्रेडा के माध्यम से होना है। फिलहाल आरईएस से काम की स्वीकृति नहीं दी जा रही है। आगे जो भी गाइडलाइन आएगी उस हिसाब से काम किया जाएगा।
CG News: प्रत्येक ग्राम पंचायतों में सोलर सिस्टम से गांवों में रोशनी की व्यवस्था की गई थी। लेकिन सिस्टम को लगे 10 साल से भी भी अधिक हो चुके, इसके चलते सारे के सारे सिस्टम खराब हो चुके। इसके चलते फिर से नई व्यवस्था बनाने के लिए सोलर सिस्टम लगाने की मांग की जा रही है। खासकर ग्राम पंचायत के पदाधिकारी चाह रहे हैं कि ग्राम पंचायतों में सोलर सिस्टम लगे। ताकि गांवों में उजियारा हो सके।