
Vedanta Power Plant accident: छत्तीसगढ़ के सक्ति जिला में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 34 से अधिक लोग घायल हैं। हादसे के बाद जहां एक ओर शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को “हादसा नहीं, हत्या” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये और घायलों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक विफलता का परिणाम हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्लांट में एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने और व्यापक जांच की मांग की।
चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने कहा कि प्लांट की मशीनों की सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई थी। उनके अनुसार, क्षमता से अधिक दबाव डालने के कारण बॉयलर ब्लास्ट हुआ। उन्होंने अन्य पावर प्लांट्स की भी तकनीकी जांच कराने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने इस हादसे को बार-बार सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि पहले भी वेदांता संयंत्रों में हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रबंधन ने पर्याप्त सुधार नहीं किया। सांसद ने जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज करने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्लांट प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। वहीं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि दोषियों के खिलाफ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे की जांच के लिए कांग्रेस ने 9 सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति के संयोजक पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बनाया गया है। समिति में विधायक रामकुमार यादव, अटल श्रीवास्तव, बावनलाल साहू, राघवेंद्र सिंह, व्यास कश्यप, शेषराज हरबंश सहित कई नेता शामिल हैं।
कांग्रेस ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह घटनास्थल पर जाकर पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात करे। साथ ही प्लांट प्रबंधन से चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाए। समिति अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।