झालावाड़

Rajasthan: बच्ची के साथ दरिंदगी करना चाहता था 50 साल का अधेड़, कांस्टेबल ने बचाई जान, 25 हजार का मिला इनाम

Jhalawar Crime News: पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी वारदात टल गई, जहां एक कांस्टेबल ने मासूम बालिका को समय रहते बचा लिया। आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया, जबकि बहादुरी के लिए जवान को 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया।

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कांस्टेबल अशोक कुमार। फोटो- पत्रिका

झालावाड़। जिले के एक इलाके में खाकी ने एक मासूम को दरिंदगी से पहले बचा लिया। पुलिस उप अधीक्षक के गनमैन अशोक कुमार ने बुधवार को नदी किनारे झाड़ियों में छिपे एक अधेड़ व्यक्ति को बारह वर्षीय बालिका के साथ दबोच लिया। वह बालिका के साथ ज्यादती का प्रयास कर रहा था। झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने इस साहसिक कार्य के लिए अशोक कुमार को 25 हजार रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।

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बालिका के लापता होने की मिली थी सूचना

एसपी ने बताया कि एक थाने में 12 वर्षीय बालिका के लापता होने की सूचना मिली। इस पर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आरपीएस किशनगोपाल के निर्देशन में टीम गठित कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान पुलिस उप अधीक्षक गरिमा जिंदल के गनमैन कांस्टेबल अशोक कुमार बालिका को तलाश करते हुए सुनसान नदी किनारे से गुजर रहा था।

बच्ची की चीख सुनकर दौड़ा

इस दौरान उसे झाड़ियों में कुछ असामान्य और संदिग्ध गतिविधि नजर आई। अपनी गाड़ी रोककर अशोक झाड़ियों के पास पहुंचा तो वहां दहीखेड़ा निवासी गिरिराज रैगर (50) बालिका के साथ ज्यादती की कोशिश कर रहा था। बालिका उसके चंगुल से निकलने का प्रयास कर रही थी। उसकी चीख सुनकर अशोक तुरंत बालिका के पास पहुंचा और उसे गिरिराज के चंगुल से छुड़ाया।

जमीन पर गिराकर दबोचा

अशोक को देखकर गिरिराज ने भागने की कोशिश की, लेकिन अशोक ने उसे जमीन पर गिराकर दबोच लिया। इसके बाद तुरंत पुलिस उप अधीक्षक को मोबाइल पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पास की अन्य पुलिस टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद गिरिराज और बालिका को थाने लाया गया। बालिका को उसके परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि गिरिराज के खिलाफ पॉक्सो और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।

रास्ता भटक गई थी

एसपी के अनुसार बालिका रास्ता भटक गई थी। बालिका को अकेला देखकर गिरिराज की नीयत बिगड़ गई। वह उसे कोटा जिले की ओर सुनसान जगह पर ले गया और ज्यादती की कोशिश करने लगा। इसी दौरान कांस्टेबल अशोक की बहादुरी से बड़ी अनहोनी टल गई। अशोक को गुरुवार को 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया।

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