Jhalawar News: झालावाड़ जिले में नेशनल हाईवे-52 पर ट्रकों से डीजल चोरी कर बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। डीएसटी के स्टिंग ऑपरेशन के बाद छह ढाबों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए 1090 लीटर अवैध डीजल जब्त किया है।
Police Raid On Highway Side Dhaba: राजस्थान के झालावाड़ जिले में नेशनल हाईवे-52 पर ट्रकों से डीजल चोरी कर बेचने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) के स्टिंग ऑपरेशन के बाद अकलेरा पुलिस ने गुरुवार को हाईवे किनारे संचालित 6 ढाबों पर एक साथ दबिश देकर 1090 लीटर अवैध डीजल जब्त किया। कार्रवाई में छह ढाबा संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से हिसाब-किताब की डायरियां और डीजल भरने-निकालने के उपकरण भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि डीएसटी को गुप्त सूचना मिली थी कि अकलेरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 पर स्थित कुछ ढाबा संचालक ट्रक चालकों से मिलीभगत कर ट्रकों से डीजल चोरी करवा रहे हैं। चालक अपने वाहन मालिकों की जानकारी के बिना डीजल निकालकर औने-पौने दामों में ढाबा संचालकों को बेच देते थे। इसके बाद यही डीजल आसपास के गांवों में ट्रैक्टर, जेसीबी और अन्य वाहनों में बाजार भाव से कम कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था।
सूचना पर डीएसटी प्रभारी ने टीम के सदस्यों को सादा वेश में संदिग्ध ढाबों पर भेजा। टीम ने कई दिनों तक निगरानी की और ट्रकों से डीजल निकालकर कैनों में भरते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग की।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अत्यधिक ज्वलनशील डीजल को बिना किसी लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के सार्वजनिक स्थानों पर खुले तौर पर संग्रहित किया जा रहा था। हाईवे किनारे स्थित इन ढाबों पर रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।
पुख्ता साक्ष्य जुटाने के बाद अकलेरा वृत्ताधिकारी बृजेश जाट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छह ढाबों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1090 लीटर अवैध डीजल, बिक्री का हिसाब रखने वाली डायरियां, रजिस्टर तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए। इसके साथ ही पाइप, कैन और डीजल निकालने में उपयोग होने वाले उपकरण भी जब्त किए। पुलिस ने मौके पर सभी ढाबों की गहन तलाशी ली और पूरे नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपियों में चंदालाल, मथुरालाल, बालूराम, मदनलाल, यशवंत सिंह और सतपाल सिंह शामिल हैं। सभी आरोपी झालावाड़ के अकलेरा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अब इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।