
झुंझुनूं। लोकायुक्त के निर्देशों के बाद झुंझुनूं प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन गांवों आबूसर, दुर्जनपुरा और अणगासर में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। तहसीलदार महेंद्र मूंड के नेतृत्व में गठित टीम ने सरकारी और गोचर भूमि पर बने पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर कब्जा मुक्त कराया।
कार्रवाई के दौरान झुंझुनूं प्रशासन ने पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई। जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लंबे समय से इन गांवों में सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माणों की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान पाया गया कि कई लोगों ने गोचर और राजस्व भूमि पर शानदार मकान एवं पक्के ढांचे खड़े कर रखे थे।
लोकायुक्त की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद राजस्व विभाग ने पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए, लेकिन निर्धारित समय में कब्जा नहीं छोड़े जाने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू की। तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि तीनों गांवों में कुल 29 पक्के अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे, जिनमें से सभी को हटा दिया गया है। इनमें कई ऐसे भवन शामिल थे जो हाल ही में बनाए गए थे, जबकि कुछ पुराने निर्माण भी थे।
अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल मौके पर मुस्तैद रहा। दुर्जनपुरा में सबसे अधिक अतिक्रमण पाए गए थे, जहां लोगों ने गोचर भूमि पर कब्जा जमा लिया था। इन मामलों में पहले से ही बेदखली के आदेश जारी हो चुके थे। इसी क्रम में प्रशासन ने चार से पांच गोचर भूमि क्षेत्रों को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त कराया। गौरतलब है कि इससे पूर्व तहसीलदार मूंड के नेतृत्व में टीम ने कमरूद्दीन शाह की दरगाह के पास वक्फ बोर्ड की जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को भी हटाया गया था।