
Bhanwari Devi Update : जोधपुर के लोहावट थानातंर्गत जंभेश्वरनगर गांव में घर के बाहर सो रही महिला भंवरीदेवी की धारदार हथियार से हत्या और उसकी दो बेटियों पर जानलेवा हमले के मामले में 15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अज्ञात नकाबपोश हमलावर ने 27-28 जुलाई की रात भंवरीदेवी विश्नोई पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। घटना में घायल दोनों बालिकाओं में से बड़ी बेटी रामज्योति का जोधपुर में उपचार जारी है। हत्याकांड का खुलासा और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। इसी मांग को लेकर लोहावट पुलिस थाने के बाहर छह दिन से बेमियादी अनशन और धरना जारी है। मंगलवार को अनशन पर बैठे लोगों की संख्या बढ़कर 108 हो गई। इनमें लोहावट के पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई भी शामिल हैं, जो 6 अगस्त से लगातार अनशन पर बैठे हैं। लगातार अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य में गिरावट बताई जा रही है।
भंवरीदेवी की हत्या के बाद लोहावट में जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर 28 से 31 जुलाई तक धरना दिया गया था। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के बीच हुई वार्ता में कलक्टर और एसपी ने मामले का पांच दिन में खुलासा करने का लिखित आश्वासन दिया था। तय समय बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से हत्याकांड का खुलासा नहीं किया गया। इसके बाद लोगों ने बेमियादी अनशन और धरना शुरू कर दिया।
धरने में फलोदी जिले के साथ प्रदेश के अन्य जिलों से भी लोग पहुंच रहे हैं। मंगलवार को संत, जनप्रतिनिधि, पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी धरने पर बैठीं।
कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने कहा कि फलोदी के लोहावट में श्रीमती भंवरी विश्नोई की हत्या और उनकी बेटियों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अभी तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस-प्रशासन द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिए गए आश्वासन के अनुसार मांगी गई पांच दिन की समय-सीमा भी पूरी हो चुकी है, लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
इस मामले को लेकर समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई सहित समाज के कई लोग आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। मुख्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करे। आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी से समाज में रोष बढ़ता जा रहा है।