जोधपुर

जोधपुर में 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला: डॉक्टर बोले- कोई चिकित्सक जानबूझकर लापरवाही नहीं करता, रिपोर्ट का इंतजार

Jodhpur Paota Hospital: जोधपुर के जिला अस्पताल पावटा में 20 जून को हुए आठ सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मचा हुआ है। 6 प्रसूताओं में संक्रमण के लक्षण मिले, जबकि 2 की हालत गंभीर होने पर एमडीएम अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है।
2 min read
Jun 22, 2026
Jodhpur Maternal Health Scare
जोधपुर में 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के बाद ओटी बंद किया (पत्रिका फोटो)

Jodhpur Caesarean Delivery: जोधपुर के जिला अस्पताल पावटा में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने का मामला सामने आया है। कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर में भी इस तरह का मामला सामने आने से चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है। 20 जून को हुए इन ऑपरेशन्स के बाद 6 महिलाओं में सेप्टीसीमिया (खून में संक्रमण) और 2 महिलाओं की किडनी खराब होने की गंभीर समस्या सामने आई।

पूरी घटना के बाद अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया गया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि 20 जून को यह घटना सामने आई, उसी दिन चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जोधपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन कर रहे थे। लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शुरुआत में इस बात को छुपाए रखा।

क्या बोले मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. फतेह सिंह जोधा

डॉ. फतेह सिंह जोधा ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि बड़े अस्पतालों में जहां ज्यादा डिलीवरी होती हैं, वहां कभी-कभार ऐसे मामले सामने आ जाते हैं। शनिवार को ऑपरेशन के बाद प्रसूता महिलाओं को तेज बुखार था। दो प्रसूताओं को गंभीर दिक्कत हुई। एक का ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ गया था और दूसरी को ऑपरेशन के दौरान हैवी ब्लीडिंग हुई थी।

उन्होंने कहा कि इन दोनों को तुरंत एमडीएम अस्पताल शिफ्ट किया गया। बाकी 6 मरीज यहीं पावटा अस्पताल में हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। एहतियात के तौर पर हमने सभी मरीजों के सैंपल लिए हैं और उनकी एंटीबायोटिक्स दवाइयां बढ़ा दी हैं। डॉक्टरों की सीनियर टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

लापरवाही के सवाल पर डॉ. जोधा ने कहा कि इस मौसम में बैक्टीरियल ग्रोथ ज्यादा होती है, जिससे ऐसे मामले सामने आ जाते हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि सटीक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। कोई भी डॉक्टर जानबूझकर लापरवाही नहीं करता। क्योंकि इससे संस्थान और डॉक्टर दोनों की साख खराब होती है।

क्या बोले डॉ. कुलविंदर सिंह चोपड़ा

पावटा अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. कुलविंदर सिंह चोपड़ा ने बताया कि 20 जून को गाइनिक का 'ओटी डे' था, जिसमें कुल 8 सिजेरियन ऑपरेशन हुए थे। शाम को दो मरीजों की तबीयत खराब होते ही हमने मेडिकल कॉलेज को सूचना दी और उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कराया।

वहां दोनों मरीजों का यूरिन आउटपुट और ब्लड प्रेशर अब मेंटेन है। हमारे अस्पताल में मौजूद बाकी 6 प्रसूताएं बिल्कुल ठीक हैं। उनके ब्लड प्रेशर, पल्स आदि सामान्य हैं और हर दो घंटे में उनकी जांच की जा रही है।

ओटी बंद, जांच शुरू

डॉ. चोपड़ा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार इस पूरे मामले की गहन जांच चल रही है। ड्रग इंस्पेक्टर और डॉक्टरों की टीम ने अस्पताल की दवाओं और ओटी से संक्रमण के सैंपल ले लिए हैं। जब तक जांच की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पावटा अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया गया है, ताकि अन्य मरीजों को कोई खतरा न हो। इस दौरान जिन मरीजों को सिजेरियन या अन्य ऑपरेशन की जरूरत होगी, उन्हें अस्पताल की एंबुलेंस के जरिए पास के दूसरे सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित रेफर किया जा रहा है।

Updated on:
22 Jun 2026 12:33 pm
Published on:
22 Jun 2026 12:33 pm