जोधपुर

Rajasthan : राजस्थान में है एकमात्र पुलिस विश्वविद्यालय, लेकिन लगातार गिर रहा प्रवेश का ग्राफ, क्यों?

Rajasthan : जोधपुर में सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय की स्थापना को 13 साल हो गए है। यह प्रदेश का एकमात्र पुलिस विश्वविद्यालय है। पर यह विश्वविद्यालय आज भी छात्र-छात्राओं के प्रवेश के लिए तरस रहा है। जानें पूरी रिपोर्ट।
2 min read
Rajasthan only one police university but admission graph is continuously falling why
ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Rajasthan : जोधपुर में सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय की स्थापना को 13 साल हो गए है, लेकिन अब भी यह छात्र-छात्राओं को तरस रहा है। इस साल भी करीब 80 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। प्रदेश के एकमात्र पुलिस विश्वविद्यालय में 250 विद्यार्थी ही हैं। इनको संभालने के लिए 60 से अधिक शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक, स्थायी और अस्थायी स्टाफ लगा हुआ है, जिस पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं।

विश्वविद्यालय में स्नातक के 2 और स्नातकोत्तर के 5 कोर्स संचालित

विश्वविद्यालय में स्नातक के 2 और स्नातकोत्तर के 5 कोर्स संचालित है। इनमें प्रवेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के जरिए होता है, लेकिन कोर्स में विद्यार्थी कम आने से विश्वविद्यालय ने प्रवेश को ओपन भी कर दिया। बार-बार अंतिम तिथि भी बढ़ाई, लेकिन सीटें खाली पड़ी हैं।

कोर्स में विद्यार्थी कम आने से विश्वविद्यालय ने प्रवेश को ओपन भी कर दिया। ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

सभी नियमित कार्यक्रमों में 80 से अधिक प्रवेश नहीं

स्नातक के दोनों कोर्स में 35 छात्रों ने प्रवेश लिया है। एमए के तीन पाठ्यक्रमों में 5 से 7 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। एलएलएम में 15 प्रवेश हुए। एमए क्रिमिनोलॉजी में 40 प्रवेश के बाद 15 विद्यार्थी छोड़कर चले गए। अब केवल 25 बचे हैं। कुल मिलाकर सभी नियमित कार्यक्रमों में 80 से अधिक प्रवेश नहीं है।

कुलपति ने नहीं दिया कोई जवाब

इस मामले में सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आलोक त्रिपाठी का पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

अब भी यह छात्र-छात्राओं को तरस रहा है। ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

सरकारी खजाने को लग रही चपत

सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा एवं दांडिक न्याय विश्वविद्यालय में 13 स्थायी फैकल्टी है। 60 विषयों में गेस्ट फैकल्टी के लिए आवेदन मांगे गए हैं। करीब 50 स्थायी व अस्थायी गैर शैक्षणिक कर्मचारी है। सभी का मिलाकर सालाना खर्च करोड़ों रुपए में है।

Updated on:
30 Aug 2025 10:30 am
Published on:
30 Aug 2025 10:30 am