Jodhpur Central Jail: जोधपुर सेंट्रल जेल में कैदियों के रोजा इफ्तार की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन हरकत में आ गया। देर रात चलाए गए सर्च अभियान में 13 मोबाइल और 11 सिमकार्ड बरामद किए गए।
जोधपुर। सेंट्रल जेल जोधपुर में कैदियों के रोजा इफ्तार का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल प्रशासन ने तत्काल सर्च अभियान चलाया। शनिवार देर रात जेल के सभी वार्डों की तलाशी ली गई। इस दौरान 13 मोबाइल और 11 सिमकार्ड बरामद हुए। इनमें 11 मोबाइल अलग-अलग जगह पर छिपाए गए थे, जबकि 2 मोबाइल बंदियों के पास मिले।
जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बताया कि सरकार के आदेश के अनुसार 18 फरवरी से 20 मार्च तक रोजा रखने वाले कैदियों के लिए अलग से एक बैरक में व्यवस्था की गई है। रोजे की सामग्री सहकारी उपभोक्ता से मंगवाई जाती है। जेल में करीब 65 कैदी हर रोज एक बैरक में रोजा खोलते हैं। 13 मार्च को एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सामने आया कि यह फोटो जेल में रोजा खोलने वाली बैरक का है। फोटो के आधार पर जेल में बंदियों की तलाशी ली गई। वार्ड 7 की बैरक संख्या 3 में तलाशी के दौरान 7 एंड्रॉयड मोबाइल, 4 कीपैड फोन और 11 सिम कार्ड बरामद हुए।
जेल प्रशासन ने रोजा खोलने वाले बैरक की तलाशी लेने का प्रयास किया तो कैदी विरोध में उतर आए। उन्होंने भूख हड़ताल की चेतावनी दी। इसके बाद फोटो वायरल करने वाले पांच कैदियों को अन्य बैरक में शिफ्ट किया गया। फोटो के आधार पर सामने आया कि वहीद खान, वसीम खान, सुभाष, शेखर और करीम ने सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।
सेल्फी लेने वाला कैदी सलीम वार्ड दस की बैरक संख्या 2 के बंदी नरपत पुत्र चौथाराम से मोबाइल लेकर आया था। इसके बाद नरपत के वार्ड की तलाशी ली गई, जिसमें उसके बिस्तर से एक मिनी कीपैड मोबाइल बिना सिमकार्ड के बरामद हुआ। अन्य कैदी करीम से एंड्रॉयड मोबाइल मिला। जेल प्रशासन की सख्ती के बाद कैदी विरोध में उतर आए और उन्होंने रविवार को रोजा नहीं खोला।
तलाशी का विरोध करने पर जेल प्रशासन को आशंका हुई। उन्होंने सघन तलाशी ली तो नालियों, शौचालय और फर्श में छिपाकर रखे गए 13 मोबाइल बरामद हुए। जेल प्रशासन ने जेल की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने और नियमों के विरुद्ध जेल में मोबाइल का उपयोग करने के आरोप में संबंधित कैदियों के खिलाफ रातानाडा पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।
जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बताया कि मोबाइल का उपयोग करने वाले कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है और पुलिस को भी सूचना दी गई है। कैदियों को मोबाइल उपलब्ध कराने वाले और उनसे नियमित संपर्क रखने वाले लोगों के बारे में भी पड़ताल की जा रही है।