
Kanpur Suicide Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। यहां एक 12 साल की बच्ची ने सिर्फ इसलिए अपनी जान दे दी क्योंकि उसे 'चोर' कहकर चिढ़ाया गया था। वह बच्ची अपनी इस छोटी सी गलती पर मिलने वाले तानों को बर्दाश्त नहीं कर पाई और अपनी मां की साड़ी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। परिवार का आरोप है कि बच्ची को बार-बार अपमानित किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई।
यह मामला कानपुर के गोविंद नगर इलाके का है। यहां एक परिवार किराए के मकान में रहता है। शुक्रवार को संदीप की 12 वर्षीय बेटी घर में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह उसी मकान में रहने वाले दूसरे किराएदार के कमरे से एक मेकअप का डिब्बा उठा लाई, जिसमें कुछ जेवरात और जरूरी सामान था।
अगले दिन जब डिब्बा गायब होने की चर्चा हुई, तो बच्ची की मां ने उससे पूछा। बच्ची ने ईमानदारी से सब बता दिया कि डिब्बा उसके पास है। मां ने तुरंत वह डिब्बा पड़ोसियों को वापस कर दिया। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। आरोप है कि डिब्बा मिलने के बाद भी पड़ोसी उस बच्ची को सबके सामने 'चोर-चोर' कहकर बुलाने लगे। मासूम को यह बात इतनी चुभ गई कि उसने सुसाइड कर लिया।
शनिवार की शाम को बच्ची की मां माधुरी किसी काम से घर के बाहर गई थीं। घर में मासूम बच्ची अकेली थी। तानों के बोझ से दबी बच्ची ने कमरे में रखा मां की साड़ी का फंदा बनाया और पंखे से लटक गई। जब मां घर वापस आई तो कमरे का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी इकलौती लाडली फंदे से लटकी मिली। बेटी की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोविंद नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। गोविंद नगर इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतका की मां ने दूसरे किराएदारों पर बच्ची को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।