Vikas dubey Kanpur News: विकास गुबे के एनकाउंट के इस जुलाई से दो साल पूरे हो जाएंगे। लेकिन दो साल बाद भी बिकरी गांव में विकास दुबे का खौफ खत्म नहीं हो पाया।
विकास दुबे भले एनकाउंटर में मार गिराया गया। लेकिन बिकरू गांव में विकास दुबे के नाम और उसके रिश्तेदारों का खौफ अभी भी चल रहा है। रिश्तेदारों की दबंगई अभी भी चल रही है। दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कानपुर जिलाधिकारी शिवराजपुर ब्लाक के कई गांवों में चौपाल लगाकर शिकायत सुन रही थी। ग्रामीणों ने चकरोड, खलियान, तालाब पर कब्जे, पानी व बिजली कटौती की समस्याओं को डीएम नेहा शर्मा से साझा की। वहीं, बिकरू गांव में प्रधानाध्यापिका ने शिक्षकों पर बच्चों को न पढ़ाने की शिकायत की। डीएम ने एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात अपराधी विकास दुबे की भांजी सारिका को तत्काल निलंबित कर दिया। बाकी शिक्षकों पर विभाग द्वारा टीम बनाकर जांच के आदेश दिए।
कानपुर जिलाधिकारी सबसे पहले शिवराजपुर ब्लॉक के सिकंदरपुर गांव पहुंचीं। वहां हर विभाग की हो रही लापरवाहियों की शिकायतें सुनीं। वृद्धा पेंशन, ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशी से खेतों में नुकसान, लेखपाल गांव में ना आने की शिकायत डीएम से की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के आदेश दिए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जर्जर तारों को बदलने, अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करने को कहा। दोपहर करीब तीन बजे बिकरू गांव की चौपाल में डीएम के सामने ग्रामीणों ने शिकायतों की लाइन लगा दी।
बंदूक लगाकर धमकाते हैं विकास के रिश्तेदार
बिकरू गांव निवासी रमाकांत दिवाकर ने बताया कि उनके 70 कुंतल धान का पैसा कई महीनों से विकास दुबे के करीबी रहे गांव का एक व्यक्ति नहीं दे रहा है। मांगने पर बंदूक दिखाकर धमकाते हैं। हालांकि डीएम ने तत्काल पुलिस विभाग को कार्रवाई की बात कही। स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट रहने की निर्देश दिए।
भांजी को तुरंत कर दिया निलंबित
प्रधानाध्यापिका गीता त्रिपाठी ने शिकायत करते हुए कहा कि उनके स्कूल में शिक्षिका स्वाति, ज्योति ,सारिका और शीतेश रोज स्कूल टाइम से नहीं आती हैं। बच्चों को भी नहीं पढ़ाती हैं। शिकायत करने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाती हैं। डीएम ने विकास दुबे की भांजी सारिका को तत्काल निलंबित कर दिया। साथ ही बाकी शिक्षकों की जांच करने व 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा।
पहले भी मामा विकास के लिए बयान दे चुकी सारिका
विकास दुबे की भांजी सारिका बिकरूकांड के दौरान ही सुर्खियों पर आई थी। आठ पुलिसकर्मियों की घटना के सारिका ने कहा था कि मेरे मामा को ऐसी मौत दी जाए की देश के लिए मिसाल बने। पढ़ाई न कराने की लापरवाही में जिलाधिकारी ने सारिका को निलंबित कर दिया है।