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Karauli News: करौली कलक्टर का निर्देश, स्कूलों के ऊपर से हटेंगी हाईटेंशन लाइनें, जर्जर भवन होंगे ध्वस्त

करौली में स्कूलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाईटेंशन लाइन हटाने और जर्जर भवनों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि हादसों से बचाव हो सके।

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May 01, 2026
फाइल फोटो- पत्रिका

करौली। जिला कलक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला कलक्टर ने विद्यालय परिसरों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों को गंभीर खतरा बताते हुए संबंधित विभागों को इन्हें जल्द हटाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव किया जा सके।

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एचपीवी टीकाकरण अभियान को भी प्राथमिकता देने पर जोर

बैठक के दौरान छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एचपीवी टीकाकरण अभियान को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभिभावकों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद स्थापित कर उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे अधिक से अधिक छात्राएं इस अभियान से जुड़ सकें।

जर्जर और क्षतिग्रस्त स्कूल भवन होंगे चिन्हित

आगामी मानसून को देखते हुए जर्जर और क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों को चिन्हित कर उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही, ध्वस्त किए गए भवनों के प्रमाण-पत्र समय पर जिला मुख्यालय भिजवाने के लिए शिक्षा विभाग को कहा गया, ताकि रिकॉर्ड व्यवस्थित रखा जा सके और नई निर्माण योजनाओं को समय पर मंजूरी मिल सके।

राशन की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

मिड डे मील योजना की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने राशन की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जिला रसद अधिकारी को दिए, जिससे विद्यार्थियों को पोषण आहार में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके अलावा बैठक में आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रम के तहत शिक्षा क्षेत्र में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर भी चर्चा की गई।

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि नीति आयोग की ओर से जिले को 3 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली है। इस राशि के प्रभावी उपयोग को लेकर भी विस्तृत रणनीति पर विचार किया गया। उन्होंने बताया कि छात्र उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, शिक्षण सामग्री, एबीएल किट उपयोग, शिक्षक ऐप सहभागिता, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं के आधार पर जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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