करौली

Karauli News: करौली में दर्दनाक हादसा, एक साथ उठीं दो मासूम बेटों की अर्थियां, रो-रोकर बेसुध हुई बहन

Gambhir River Drowning Case: करौली के शेखपुरा गांव में गंभीर नदी में डूबने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया।

2 min read
May 12, 2026
बिलखती की मां और परिजन। फोटो- पत्रिका

Karauli Drowning Case करौली। शेखपुरा गांव की जाटव बस्ती में उस समय मातम छा गया, जब दो सगे भाइयों की गंभीर नदी में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे बकरी चराने गए थे और इसी दौरान नदी में नहाते समय गहरे पानी में चले गए। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार शेखपुरा गांव निवासी चरण सिंह के पुत्र वीरेंद्र (12) और रविशंकर (10) बकरी चराने के लिए गांव के पास गए थे।

यह वीडियो भी देखें

ये भी पढ़ें

​​​​​Kota Maternal Deaths Case: कोटा में प्रसूताओं की मौत पर सख्त हुए ओम बिरला, अब दिल्ली AIIMS से आएगी टीम

परिजनों ने बताया कि दौरान दोनों भाई गंभीर नदी में नहाने उतर गए। नहाते समय अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। पास में बकरी चरा रहे लोगों ने बच्चों को पानी में डूबता देखा तो गांव में सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला।

परिवार में चीख-पुकार

इसके बाद ग्रामीण दोनों भाइयों को तुरंत श्रीमहावीरजी चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। माता नवल बाई और पिता चरण सिंह का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोनों बच्चों के असमय निधन से पूरा परिवार सदमे में है।

बहन राधिका बेसुध हुई

वीरेंद्र कक्षा 6 का छात्र था, जबकि रविशंकर कक्षा 4 में पढ़ता था। दोनों भाई अपनी बड़ी बहन राधिका के साथ गांव के राजकीय विद्यालय में पढ़ने जाते थे। भाइयों की मौत के बाद बहन राधिका बेसुध हो गई। वह बार-बार अपने भाइयों को याद कर फूट-फूटकर रो पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार के दोनों चिराग बुझ जाने से माता-पिता और बहन का सहारा छिन गया है।

शोक की लहर

घटना के बाद शेखपुरा गांव की जाटव बस्ती सहित आसपास के इलाकों में भी शोक की लहर फैल गई। वहीं जब घर से अर्थियां उठीं तो माहौल गमगीन हो गया। गांव में हर आंख नम नजर आई। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा इंतजाम करने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे पहले भी कई बार हादसों की आशंका जताई जा चुकी है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। लोगों का कहना है कि नदी के आसपास बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही रहती है, इसलिए सुरक्षा करना जरूरी है।

ये भी पढ़ें

Dausa News: स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश ​को लेकर शिक्षक खोलेंगे मोर्चा, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
Also Read
View All