
Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल की महिला प्रिंसिपल चाकू और चापड़ लेकर स्कूल पहुंच गईं और बच्चों के सामने धारदार हथियार लहराने लगीं। विरोध करने पर उन्होंने कहा कि अगर कोई मुझे गाली देगा तो मैं सिर्फ मारूंगी नहीं, काट डालूंगी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अभिभावकों का दावा है कि शिक्षिका पिछले पांच दिनों से हथियार लेकर स्कूल आ रही थीं, जिससे कई बच्चे स्कूल जाना छोड़ चुके हैं।
लुकिया गांव के रहने वाले एक अभिभावक ने बताया कि गुरुवार को उनका बेटा स्कूल से डरा हुआ घर लौटा। उसने कहा कि मैं कल से स्कूल नहीं जाऊंगा, मैडम चाकू लेकर आती हैं और डराती हैं। शुरुआत में उन्हें बेटे की बात पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन शुक्रवार सुबह जब बच्चा स्कूल जाने के नाम पर रोने लगा तो वह उसे छोड़ने के बहाने सुबह करीब 7.30 बजे स्कूल पहुंच गए।
वहां अन्य लोगों से भी पता चला कि कई बच्चे डर की वजह से स्कूल नहीं आ रहे हैं। करीब 8 बजे प्रिंसिपल शिखा सिंह स्कूल पहुंचीं। उनके एक हाथ में बैग और दूसरे हाथ में चाकू था।
जब अभिभावक ने पूछा कि स्कूल में चाकू-चापड़ लेकर क्यों आती हैं, तो प्रिंसिपल ने जवाब दिया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा करती हैं। उन्होंने कहा कि मैं 13 साल से इसी स्कूल में हूं। बहुत बर्दाश्त कर चुकी हूं। अब कोई गाली देगा तो मारना तो दूर, काट डालूंगी। चाहे पुलिस आए या कोई अधिकारी। अभिभावक ने यह भी कहा कि रास्ते में भी उन्होंने एक अभिभावक को चाकू दिखाकर डराया था।
प्रिंसिपल ने कहा कि मैंने किसी को नहीं मारा है। लेकिन अब कोई गाली देगा तो नहीं छोड़ूंगी, काट डालूंगी। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें किससे खतरा है, तो उन्होंने जवाब दिया, मुझे किसी का नाम नहीं लेना। अगर नाम बता दिया तो सब खत्म हो जाएगा। फिर चाकू लाने की क्या जरूरत पड़ेगी, मैं बस सुरक्षित नहीं हूं, जिसे बुलाना है बुला लो, पुलिस को भी बुला लो।
वीडियो की जानकारी मिलने के बाद सुबह करीब 9 बजे बीईओ नीरज उमराव और कड़ा के सीओ सत्येंद्र तिवारी दो महिला पुलिसकर्मियों के साथ स्कूल पहुंचे। पुलिस ने प्रिंसिपल से चाकू और चापड़ जब्त कर लिए। दूसरे शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और अभिभावकों से पूछताछ की जा रही है।
बीईओ ने बताया कि प्रिंसिपल के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके पति ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले स्कूल के रिकॉर्ड से जुड़े एक मामले में शिखा सिंह को कार्यालय बुलाया गया था। उस समय उन्होंने सभी सवालों के सामान्य तरीके से जवाब दिए थे। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जाएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
लुकिया प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच तक पढ़ाई होती है। स्कूल में कुल 57 छात्र नामांकित हैं। यहां प्रिंसिपल शिखा सिंह (52) के अलावा एक सहायक शिक्षक और दो शिक्षामित्र तैनात हैं। इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। वहीं, शिक्षा विभाग और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।