
Kawardha Fake Currency: कवर्धा जिले में नकली नोट छापने के लिए न कोई बड़ी मशीन थी न कोई हाईटेक सेटअप। सिर्फ एक साधारण कलर प्रिंटर खरीदा और उसे नए बस स्टैंड के पास किराए के कमरे में रखकर नकली करेंसी छापने का धंधा शुरू कर दिया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपए उधार दिए थे। रकम वापसी को लेकर एग्रीमेंट भी कराया गया था। काफी समय बाद रकम मांगने पर घुरवा राम ने 9 अगस्त को दिनेश को बताया कि वह सतीश कुमार के जरिए रकम वापस भेज रहा है।
रकम लेने के लिए उसे ग्राम पोंडी स्थित शराब भट्टी के सामने बुलाया गया। रात करीब 9 बजे दिनेश अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ मौके पर पहुंचा। सतीश कुमार और उसका साथी काले रंग का बैग लेकर पहुंचे और रकम सौंप दी। बैग खोलने पर 500-500 रुपए के नोट थे। लेकिन नोटों को गौर से देखने पर दिनेश को शक हुआ। जांच करने पर 4.50 लाख रुपए के नोट नकली निकले। इसके बाद 10 अगस्त को चौकी पोंडी में शिकायत दर्ज कराई गई।
एएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि बीते माह 13 जुलाई को प्रिंटर खरीदने के बाद आरोपी सतीश कुमार (33) निवासी मजगांव रोड कवर्धा, रामप्रसाद उर्फ रमऊ बंजारे(56) निवासी तालपुर और घुरवा राम निवासी कान्हाभैरा ने जुलाई से अगस्त के बीच नकली नोट तैयार किए और उन्हें असली रकम की तरह बाजार में चलाने की तैयारी कर ली। इसी योजना के तहत 3.75 लाख रुपए की उधारी लौटाने के बहाने 4.50 लाख रुपए के नकली नोटों से भरा बैग सौंपा गया, लेकिन नोटों की जांच में पोल खुल गई और शिकायत ने पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। एएसपी अमित पटेल ने बताया कि पोंडी पुलिस और साइबर टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 12.50 लाख रुपए के नकली नोट, प्रिंटर, मोबाइल और टाटा पंच ईवी जब्त की है।
पुलिस ने सतीश कुमार को पकड़कर पूछताछ की तो उसने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने की बात बताई। पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि रामप्रसाद और सतीश ने 13 जुलाई को कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद ने नए बस स्टैंड के पास कमरा किराए पर लिया। इसी कमरे में रामप्रसाद बंजारे और घुरवा राम नकली नोट तैयार करते थे। तैयार नोटों को बाहर ले जाकर खपाने और डिलीवरी करने में सतीश की भूमिका थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए। सतीश से 2 लाख, रामप्रसाद से 4.50 लाख और घुरवा राम से 1.50 लाख रुपए के नकली नोट मिले। इसके अलावा प्रार्थी को दिए गए 4.50 लाख रुपए के नकली नोट भी पुलिस ने जब्त किए। इस तरह कुल 12.50 लाख रुपए की नकली मुद्रा बरामद हुई। इसमें100, 200, और 500 रुपए के नकली नोट शामिल हैं। पुलिस ने नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल कलर प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त ईवी कार भी जब्त की है।
चौकी पोंडी थाना बोड़ला में धारा 179, 318(4), 178, 180 और 181 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूरी कार्रवाई में साइबर थाना कबीरधाम के निरीक्षक उमाशंकर राठौर, चौकी पोंडी प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मीनारायण साव, सउनी चंद्रकांत तिवारी, आशीष सिंह, संजीव तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, अभिनव तिवारी, ओम प्रकाश पटेल, खूबी साहू, आरक्षक संदीप शुक्ला, गज्जू ठाकुर, पूरन दस डाहिरे, देवेंद्र चतुर्वेदी, सोमेंद्र शर्मा और सतखोजन का योगदान रहा।
कबीरधाम पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है कि आरोपियों ने जुलाई से अब तक कितने नकली नोट तैयार किए और उनमें से कितनी रकम बाजार में खपाई जा चुकी है। पुलिस आरोपियों से इस संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है। साथ ही नकली नोटों की डिलीवरी और खपत से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।