
कोलकाता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश के मामले में दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में राज्य की एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारी से संभावित संबंध भी सामने आए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गिरफ्तार किए गए आरोपी दो भाई हैं, जिनकी पहचान सागर सोनकर और साहिब सोनकर के तौर पर हुई है। वे रथ के साथ काम करते थे।
अधिकारियों के अनुसार जांच से पता चला कि रथ के साथ काम करने के दौरान सागर सोनकर लैंडलाइन फोन के जरिए प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी के कार्यालय के नियमित संपर्क में था। उन्होंने बताया कि आरोपियों को कोलकाता की एक विशेष अदालत में पेश किया गया। इस मामले में सीबीआई ने अब तक छह हमलावरों- मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह के अलावा सुपारी लेने वाले विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि एक आरोपी फरार है।
अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने सागर और पार्टी कार्यालय के बीच लगातार हो रही फोन कॉल पर गौर किया है और उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिसके संपर्क में वह था। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी को यह भी पता चला है कि 2020 तक सागर भाजपा में शामिल होने से पहले प्रतिद्वंद्वी पार्टी के एक विधायक के साथ काम करता था। उन्होंने कहा कि सागर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच के दौरान शक पैदा हुआ, जिसमें प्रतिद्वंद्वी पार्टी के स्थानीय कार्यालय में कई कॉल किए जाने का पता चला। चंद्रनाथ रथ की छह मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के पास कार में यात्रा करते समय मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी को पता चला कि 2026 के बंगाल चुनावों से पहले कोलकाता के भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी के चुनाव अभियान के मुख्य व्यक्ति रथ को खत्म करने की साजिश दिसंबर 2025 से थी, लेकिन किसी न किसी वजह से इसे टालना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि जांच में सीबीआई को सागर के उन हमलावरों के साथ कथित संबंधों का पता लगाने के लिए पर्याप्त सबूत मिले, जिन्हें रथ की हत्या के लिए सुपारी दी गयी थी। उन्होंने कहा कि आरोप है कि सागर ने हत्या को अंजाम देने के लिए हमलावरों को पैसे दिए थे।