
CG Monsoon: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सोमवार सुबह से लगातार रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है। भारी वर्षा के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि नदी-नाले उफान पर बह रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश की वजह से कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। सड़कें पानी में डूबने से वाहन चालकों को धीमी गति से आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्ते कीचड़ से भर गए हैं, जिससे गांवों का संपर्क भी प्रभावित होने लगा है।
लगातार बारिश के कारण जिले की छोटी-बड़ी नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने लोगों से उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने और सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश का असर बाजार, स्कूल, दफ्तर और दैनिक गतिविधियों पर भी देखने को मिला। सुबह के समय लोग जरूरी काम से ही घरों से निकले। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की सूचना है। खेतों में पानी भरने से किसानों को राहत तो मिली है, लेकिन अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सतर्क हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्थानीय निकायों को जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकासी और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो जिले के कई इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मानसून सत्र में अब तक सबसे ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हुई है। यहां 576.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत का 181.4 प्रतिशत है। इसके अलावा जांजगीर-चांपा (512 मिमी), बलौदाबाजार (453.4 मिमी), बिलासपुर (440.5 मिमी), महासमुंद (427.3 मिमी), मुंगेली (417.7 मिमी) और रायपुर (395.7 मिमी) में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
दूसरी ओर, कई जिले अब भी पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी सबसे नीचे है, जहां केवल 203.3 मिमी बारिश हुई है। यह जिले की सामान्य वर्षा का सिर्फ 40.4 प्रतिशत है। सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर में भी सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। सरगुजा जिले में भी अब तक केवल 185.8 मिमी बारिश हुई है।