Big fraud: ठगी के शिकार भाजपा नेता के पुत्र ने टस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के 2 संचालक के खिलाफ थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
बैकुंठपुर. हेल्थ केयर की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर कोरिया भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे से 6.90 लाख की ठगी की गई। इस मामले में भाजपा नेता के पुत्र ने ठगी (Big fraud) करने वाले टस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के 2 संचालक के खिलाफ कोतवाली में अपराध दर्ज कराई है। पुलिस दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
बैकुंठपुर के ओडग़ी नाका निवासी कुणाल जायसवाल भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल का पुत्र है। कुणाल ने पुलिस को बताया कि 12 अप्रैल से 27 मई 2024 के बीच टस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक विकास पाल और प्रसुन पाल ने उसे हेल्थ केयर का फ्रेंचाइजी (Big fraud) दिलाने का झांसा दिया था।
इसके बाद छल पूर्वक फ्रेंचाइजी फीस के नाम पर 6.90 लाख ले लिए। उसने बताया कि मुझे सोशल मीडिया विज्ञापन के माध्यम से टस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा हेल्थ केयर (Big fraud) के संबंध में जांच परीक्षण की सर्जिकल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में फ्रेंचाइजी देनेे की जानकारी मिली थी।
इस पर कंपनी से संपर्क किया तो मुझे वर्किंग मॉडल की जानकारी देकर बुकिंग के लिए 1 लाख रुपए मांग की गई। 12 अप्रैल 2024 को यूपीआई पेटीएम के माध्यम से जमा कर दिया। वहीं 27 मई 2024 को कंपनी के प्रबंधक (Big fraud) विकास पाल का कॉल आया।
उसने अपना परिचय देकर फ्रेंचाइजी शुल्क (Big fraud) के रूप में 5 लाख 90 हजार रुपए जमा करने की बात कही। उसकी बातों पर विश्वास कर फ्रेंचाइजी लेकर रोजगार के लिए धनराशि टस्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के खाते में आरटीजीएस से जमा कर दिया।
कुणाल जायसवाल ने बताया कि फिर कंपनी के संचालक (Big fraud) विकास व प्रसुन का नई दिल्ली से फोन आया और लोकेशन बदलने के लिए दबाव बनाने लगे। मैंने स्पष्ट कर दिया कि मेरे पास अन्य स्थल नहीं है, मैं दूसरी जगह दुकान खोल नहीं पाऊंगा। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा मेरे बताए गए जगह की पुष्टि होने के बाद ही मैंने पैसा भेजा है।
कुणाल ने बताया कि उसने कई बार कंपनी और कंपनी के प्रबधंक (Big fraud) को फोन से सम्पर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद उसे एहसास हो रहा है कि छल एवं धोखाधड़ी की गई है। मामले में आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5), 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।