कोटा. रिलीज होने से पहले ही विवादों में आई पद्मावती फिल्म को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों के अलावा भाजपा और कांग्रेस भी विरोध में आ गई है।
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रिलीज होने से पहले ही विवादों में आई पद्मावती फिल्म को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों के अलावा भाजपा और कांग्रेस भी खुलकर विरोध में आ गई है। कोटा में दोनों दलों ने फिल्म से आपत्तिजनक दृश्य हटाने की मांग की है। वहीं दृश्य नहीं हटाने पर फिल्मी को रिलीज करने पर रोक लगाने का समर्थन कर रहे हैं। वहीं क्षत्रिय किराड़ महासभा की ओर से भी फिल्म में रानी पद्मिनी और क्षत्रिय समाज को लेकर आपत्तिजनक दृश्य होने की बात कहते हुए रोक की मांग की है।
क्षत्रिय किराड़ नगर इकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता ने कहा कि यदि जनभावना के विरूद्ध जाकर फि ल्म को रिलीज किया जाता है तो सम्पूर्ण क्षत्रिय समाज को सड़क पर आन्दोलन के लिए उतरना पड़ सकता है। फिल्म हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।
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विकृत मानसिकता स्वीकार नहीं होगी: भाजपा
शहर भाजपा जिलाध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय ने बयान जारी करके कहा, महारानी पद्यमनी की गारिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली चित्रण देश को धोखा देने वाला है। चित्तौड़ की महारानी पद्यमनी हिन्दू संस्कृति के स्वाभिमान का प्रतीक है। राष्ट्रधर्म, स्वतंत्रता और आत्म सम्मान के लिए अपने आपको बलिदान कर देने वाले गौरवशाली चरित्र के साथ किसी भी प्रकार की हेर फेर एवं काल्पनिकता स्वीकार नहीं की जा सकती।
विजयवर्गीय ने कहा, देश पर हमलावर रहे चरित्रों का महिमा मण्डन करना अपने आप में विकृत मानसिकता है। जिसे किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। देश के गौरव मूल्यों को पैसा कमाने के लिए विकृत करने की अनुमति भी नहीं दी जानी चाहिए। भाजपा के जिला महामंत्री अरविन्द सिसौदिया ने कहा, विदेशी ताकतों के द्वारा भारतीय जीवन मूल्यों एवं स्वाभिमान को प्रेरणा देने वाली गौरवगाथाओं को पददलित करने का षडय़ंत्र चल रहा है। पद्मावती फिल्म भी उसी षडय़ंत्र का हिस्सा है।
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आपत्तिजनक दृश्यों के साथ फिल्म रिजीज नहीं हो: कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद इज्यराज सिंह ने कहा, पद्मावती फिल्म को लेकर राजपूत समाज के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाए। फिल्म में ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जो राजपूत समाज के गौरव के खिलाफ है। इससे समाज की भावनाएं आहत हुई है। वर्तमान व भावी पीढ़ी को इतिहास की गलत जानकारी मिलेगी। फि ल्म में जो भी आपत्तिजनक दृश्य हैं उन्हें तत्काल हटाया जाए अन्यथा फि ल्म को रिलीज नहीं किया जाए।
पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, फिल्म डॉयरेक्टर भंसाली हो या कोई संस्था या फिर कोई राज्य की सरकार हो इतिहास के साथ छेड़छाड़ करना गैरकानूनी होने के साथ अनैतिक कृत्य भी है। विवादित फिल्म को लेकर इतना बवाल हो रहा है, कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। इसके बाद भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। धारीवाल ने कहा, हर दिन फिल्म को लेकर प्रदेश की कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। इसके साथ ही भावनाओं को जो ठेस पहुंची है उसका हर समाज विरोध कर रहा है फिर क्यों सरकार चुप है।