कोटा

चम्बल हॉस्टल असोसिएशन ने किया 15 दिन में लैण्डमार्क सिटी को चकाचक करने का एलान

कोटा. पत्रिका मुहिम पर चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन ने स्वच्छता जागरूकता अभियान में 15 दिन में लैण्डमार्क सिटी चकाचक करने का ऐलान किया।  

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Nov 16, 2017
चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन

राजस्थान पत्रिका की 'स्वच्छ कोटा-स्वस्थ कोटा मुहिम के तहत गुरुवार को चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन ने स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया। एसोसिएशन ने कहा कि 15 दिन में लैण्डमार्क सिटी चकाचक नजर आएगी। प्रत्येक हॉस्टल में डस्टबिन रखा जाएगा, ताकि सड़क पर कचरा नहीं फैले।


एसोसिएशन की ओर से गुरुवार को लैण्डमार्क सिटी में स्वच्छता जागरूकता पोस्टर का विमोचन कार्यक्रम रखा गया। इसमें एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक राजेश माहेश्वरी मुख्य अतिथि थे। कोटा व्यापार महासंघ अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, चम्बल हॉस्टल एसोसिएशन अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा, सचिव शुभम अग्रवाल, आर्किटेक्ट भुवनेश लाहौटी, रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा, लघु उद्योग भारती कोटा के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र जैन ने जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया।

हॉस्टल एसोसिएशन अध्यक्ष विश्वनाथ व शुभम ने बताया कि लैण्डमार्क सिटी को 15 दिन में चकाचक कर देंगे। सफाई के लिए अतिरिक्त संसाधन लगा दिए हैं। पिछले एक सप्ताह से स्वच्छता अभियान चला रखा है। प्रत्येक हॉस्टल में डस्टबिन रखा जाएगा। कचरा सड़क पर नहीं डालने का संकल्प दिलाया जाएगा। इस मौके पर कोषाध्यक्ष मनीष समधानी, कार्यकारिणी सदस्य मुरली नुवाल आदि मौजूद रहे।



करते हैं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण

एसोसिएशन ही लैण्डमार्क की सफाई का जिम्मा उठा रही है। नगर निगम अब शहर में डोर-टू-डोर सफाई की बात कर रहा है, यहां पहले से सुचारू रूप से यह व्यवस्था चल रही है। करीब 25 सफाई कर्मचारी लगा रखे हैं और कचरा उठाने के लिए गाड़ी लगा रखी है, जो प्रत्येक हॉस्टल से कचरा एकत्रित करती है।

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इंदौर में पान वाला भी डस्टबिन में कचरा डालने की बोलता है
माहेश्वरी ने पत्रिका मुहिम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रीन कोटा-क्लीन कोटा के लिए व्यक्तिगत और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास की जरूरत है। केवल प्रशासन के भरोसे क्लीन शहर नहीं बन सकता, जनता की सहभगिता जरूरी है। लोग प्रशासन से यह चाहते हैं कि कचरा डालने के लिए डस्टबिन मिल जाए और समय पर उठ जाए। एयरपोर्ट पर कोई भी कचरा नहीं फेंकता, क्योंकि आसानी से डस्टबिन मिल जाता है। उन्होंने कहा कि सफाई के लिए इंदौर शहर से सीखने की जरूरत है। वहां पान वाला भी इधर-उधर कचरा डालने पर टोक देता है और डस्टबिन में ही कचरा डालने को कहता है। हमें ऐसी ही जागरूकता लानी होगी।

विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे

माहेश्वरी ने कहा कि हमारे संस्थान के सभी विद्यार्थियों को स्वच्छता के लिए जागरूक करेंगे। यह कार्यक्रम 15 दिन चलाएंगे। इसके लिए फैकल्टी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। फैकल्टी की कमेटी बनाई है। हॉस्टलों की स्वच्छता भी देखेंगे। गंदगी नजर आएगी तो एसोसिएशन को कार्रवाई के लिए कहेंगे। जागरूकता से अच्छे परिणाम आएंगे। लैण्डमार्क सिटी के लिए एक हजार डस्टबिन देने की बात कही।

Updated on:
16 Nov 2017 09:22 pm
Published on:
16 Nov 2017 09:20 pm