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Kota Gharial Sanctuary : कोटा की जनता को मिला बड़ा तोहफा, 1000 मीटर भूमि हुई घड़ियाल सेंचुरी मुक्त, जानें क्या होंगे फायदे

Kota Gharial Sanctuary : कोटा की जनता को नए साल का बड़ा तोहफा मिला। कोटा शहर की 1000 मीटर भूमि घड़ियाल सेंचुरी मुक्त हो गई है। इससे एक लाख से अधिक की आबादी को फायदा होगा। राजस्थान सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। जानें इस फैसले से किसे और क्या फायदा मिलेगा।
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Jan 03, 2026
Kota people big gift 1000 meters land freed from Gharial sanctuary Know about benefits of this decision
राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य। फोटो पत्रिका

Kota Gharial Sanctuary : राजस्थान सरकार ने अधिसूचना जारी कर चम्बल नदी से एक हजार मीटर (एक किलोमीटर) के क्षेत्र को राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य से मुक्त कर दिया है। अधिसूचना के तहत 6 राजस्व गांवों को घड़ियाल क्षेत्र से मुक्त (डी-नोटिफाइड) किया गया है। अब कोटा बैराज से हैंगिंग ब्रिज तक घड़ियाल सेंचुरी का क्षेत्र चम्बल से शून्य क्षेत्र में माना जाएगा। इससे इस क्षेत्र की एक लाख से अधिक की आबादी को फायदा होगा। अर्से से क्षेत्र के नागरिक क्षेत्र को घड़ियाल मुक्त करने की मांग उठा रहे थे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। इस क्षेत्र में 40 हजार से अधिक मकानों को अब तक पट्टे का इंतजार था। राज्य के वन विभाग के विशिष्ट शासन सचिव बीजो जॉय ने राज्यपाल की आज्ञा से अधिसूचना जारी करते हुए हैंगिंग ब्रिज से कोटा बैराज तक के क्षेत्र को राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य से विमुक्त कर दिया है। इसमें कुल 732 हैक्टेयर भूमि को घडियाल सेंचुरी से निकाला गया है।

अधिसूचना के अनुसार वन्य जीव संरक्षण अधिनियम द्वारा शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय वन्यजीव मंडल के अनुमोदन के बाद राष्ट्रीय घड़ियाल अभयारण्य की अधिसूचित सीमा में परिवर्तन करते हुए यह भूमि डी नोटिफाइड की गई है। इसमें सबसे अधिक शिवपुरा की 320 की हैक्टेयर जमीन मुक्त की गई है।

यह होगा फायदा

1- मकानों, दुकानों व अन्य व्यावसायिक निर्माण के लिए केडीए, नगर निगम से अनुमति मिल सकेगी।
2- आवासीय और व्यावसायिक परिसरों के पट्टे मिल सकेंगे।
3- बैंकों से मकान खरीदने और बनाने के लिए ऋण की सुविधा मिल सकेगी।
4- सेल परमिशन भी मिल सकेगी।

पर्यटन को भी लगेंगे पंख, बन सकेंगे होटल

यह क्षेत्र चम्बल नदी के पास होने से चम्बल व्यू वाले होटल और रिसॉर्ट बन सकेंगे। यहां पर्यटन गतिविधियां बढ़ेगी। इससे बड़े निवेश की संभावना बनी रही है। इस क्षेत्र में जमीनों की कीमतों को भी पंख लगेंगे।

हर बार चुनावी मुद्दा

पिछले कई चुनावों में शिवपुरा व अन्य क्षेत्र को घड़ियाल सेंचुरी से मुक्त करवाने का मुद्दा छाया रहता था। जनप्रतिनिधि हर बार इस बारे में वादे भी करते थे। आखिर अब लम्बे प्रयास के बाद यह क्षेत्र मुक्त हो पाया है।

विमुक्त किया गया क्षेत्र

राजस्व गांव - विमुक्त क्षेत्र (हैक्टेयर में)
किशोरपुरा 208.56
दौलतगंज उर्फ नयागांव 12.12
गुमानपुरा 3.93
शिवपुरा 320
रामपुरा 0.7
सकतपुरा 186.36
राष्ट्रीय चम्बल घडि़याल अभयारण्य से निकाला गया कुल क्षेत्रफल 732.00 हैक्टेयर
(विमुक्त क्षेत्र हैक्टेयर में)

लोकसभा अध्यक्ष के प्रयासों से हो पाया है संभव

कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की शिवपुरा बस्ती समेत अन्य क्षेत्र को घड़ियाल सेंचुरी मुक्त करवाने की मांग अर्से से की जा रही थी। लोकसभा अध्यक्ष के प्रयासों से ही यह संभव हो पाया है।
संदीप शर्मा, विधायक कोटा दक्षिण

लम्बी प्रक्रिया के बाद हुआ यह क्षेत्र घड़ियाल सेंचुरी मुक्त

हम लगातार प्रयासरत थे कि कैसे लोगों को अपनी छत के पट्टे मिले। लम्बी प्रक्रिया के बाद यह क्षेत्र घड़ियाल सेंचुरी मुक्त हो गया है। बड़ी आबादी वाला यह क्षेत्र भी विकास के मामले में कोटा के बाकी हिस्सों के साथ कदमताल कर सकेगा।
ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष

Updated on:
03 Jan 2026 11:54 am
Published on:
03 Jan 2026 11:19 am