कोटा

नगर निगम को नजर आ गर्इ कोटा की खुदी सड़कें, कर डाला ये कारनामा

पत्रिका की खबरों के बाद नगर निगम आया हरकत में, बिना अनुमति सड़क खोदने पर केईडीएल को 7.38 लाख का नोटिस थमाया।

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Dec 20, 2017
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कोटा . राजस्थान पत्रिका की ओर से शहर में बिना अनुमति के धड़ाधड़ सड़कों की खुदाई करने का मसला उठाने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। निगम ने कोटा इलेट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लि. (केईडीएल) को बिना अनुमति के सड़क खोदने पर 7.38 लाख रुपए का नोटिस थमाया है।

जुर्माना नोटिस थमाया

केईडीएल की ओर से तीन दिन पहले महावीर नगर द्वितीय में प्रशांति विद्यालय के पास बिना अनुमति केबल बिछाने के लिए सड़क की खुदाई की जा रही थी। पार्षद विवेक राजवंशी ने निगम उपायुक्त राजेश डागा को शिकायत की थी। निगम की टीम यहां पहुंची और नाप किया तो पाया कि 45 मीटर सीसी रोड बिना अनुमति खोदी गई। आमजन को असुविधा हुई और न्यूसेंस पैदा हुआ। निगम उपायुक्त प्रेमशंकर ने नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा के तहत दण्डनीय अपराध मानते हुए संबंधित कम्पनी को 7 लाख 38 हजार रुपए का जुर्माना नोटिस थमाया। सात दिन में राशि जमा कराने को पाबंद किया। जुर्माना जमा नहीं कराने पर न्यायालय में परिवाद पेश किया जाएगा।

नींद में ही है यूआईटी

निजी बिजली कम्पनी की ओर से नगर विकास न्यास की सड़कों को भी धड़ाधड़ खोदा जा रहा है, लेकिन अभी तक न्यास प्रशासन सोया हुआ है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डीसीएम रोड पर बिना अनुमति सड़क खुदाई करने पर काम बंद करवाया था, लेकिन न्यास ने मंगलवार को भी कोई कार्रवाई नहीं की। भाजपा शहर कार्यकारिणी के सदस्य इरशाद अली ने कहा कि बुधवार को न्यास अध्यक्ष व सचिव का घेराव करेंगे। शहर के अन्य क्षेत्रों में भी खुदाई चल रही है।

स्वास्थ्य निरीक्षक ने हटवाए सामान

विज्ञान नगर के वार्ड 56 स्थित महात्मा गांधी पार्क में मंगलवार सुबह टेंट लगाने को लेकर पार्क समिति व पार्षद पति में विवाद हो गया। मामला बढ़ता देख मोहल्लेवासियों ने निगम उपायुक्त राजेश डागा को फोन पर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्वास्थ्य निरीक्षक अर्जुन सिंह गौड़ को मौके पर भेजा। उन्होंने पार्क में रखे टेंट के सामान हटवाए। महात्मा गांधी पर्यावरण समिति संरक्षक एसके मिश्रा ने बताया कि दारुल उलूम मदरसे के बाहर रोड पर किसी कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियां की जा रही थी। इसके लिए आयोजकों ने पुलिस परमिशन भी ली थी। श्रमिक सड़क पर टेंट लगा रहे थे। इसी दौरान पार्षद शमा परवीन के पति आसिफ मिर्जा आए और टेंट के सामान पार्क में डलवा कर गड्ढे करवाए। विरोध करने पर मिर्जा और मोहल्लेवासियों में विवाद हो गया।

कानून का सम्मान करना चाहिए

बाद में स्वास्थ्य निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर पार्क से टेंट के सामान हटवाए। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट अमजद खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सार्वजनिक पार्क में कोई कार्यक्रम नहीं किए जा सकते। कानून का सम्मान करना चाहिए। विवाद होते देख पार्षद पति आसिफ मिर्जा ने कहा कि आयोजक पार्क में कार्यक्रम करना चाहते थे लेकिन मोहल्लेवासी विरोध में थे। सूचना पर मैं मौके पर पहुंचा और दोनों की समझाइश कर मदरसे के बाहर ही प्रोग्राम करवाने को राजी किया। मोहल्ले वासियों ने पार्क का काफी विकास किया है।

Published on:
20 Dec 2017 03:07 pm