कोटा. एमबीएस अस्पताल में पलंगों के मामले में जनहित याचिका पर अदालत ने तीन अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
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एमबीएस अस्पताल के इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड में पलंगों के टूटे पावों के मामले में एक वकील की ओर से जनहित याचिका पर अदालत ने अस्पताल अधीक्षक समेत तीन अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। जिन्हें 22 जनवरी को जवाब देने को कहा है।
एडवोकेट लोकेश कुमार सैनी ने एमबीएस अस्पताल अधीक्षक, प्रभारी इमरजेंसी सर्जिकल यूनिट और जिला कलक्टर के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में जनहित याचिका पेश की। जिसमें कहा कि इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड में अधिकतर पलंगों के पावे टूटे हुए हैं। जिनहें ईट-पत्थरों के सहारे टिका रखा है। मरीजों के उठने-बैठने से ईट खिसकने पर उनके गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मरीजों का दर्द कम होने की जगह बढ़ रहा है।
जनहित याचिका में कहा कि वार्ड में 20 में से 9 पलंगों की स्थिति ऐसी ही है। इस वार्ड में गम्भीर घायल मरीजों को राहत की जगह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सब अधिकािरयों की लापरवाही व अनदेखी के कारण हो रहा है। जनहित याचिका में कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया जाए कि वे पलंगों को ठीक कराएं। साथ ही समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण करें जिससे दोबारा से ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। अदालत ने याचिका को स्वीकार कर अस्पताल अधीक्षक समेत तीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर 22 जनवरी को जवाब देने को कहा है।
गौरतलब है कि वार्ड में पलंगों की इस स्थिति के बारे में पत्रिका ने 14 दिसम्बर के अंक में समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद ही इस संबंध में याचिका पेश की गई।