कोटा .
संभाग के सबसे बड़े महाराव भीम सिंह चिकित्सालय में सबसे प्रमुख वार्ड इमरजेंसी सर्जिकल को इन दिनों सर्जरी की आवश्यकता है। एक माह में करीब 500 गंभीर रोगियों का इलाज करने वाले इमरजेंसी के पलंग कंडम होने की स्थिति में है। इन पलंगों को ईट, पत्थर व जुगाड के सहारे टिका रखा है। मरीजों की सेहत के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। किसी भी दुर्घटना में सबसे पहले मरीज को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया जाता है। कई बार मरीज के उठने-बैठने से पलंग की ईट खिसक जाती है या टूट जाती है और मरीज एकाएक झटका खाकर चीख उठता है। ऐसी स्थिति में मरीज के दर्द को दरकिनार कर इलाज किया जा रहा है।