
Rajasthan Good News : राजस्थान के लिए बड़ी खुशखबर। राजस्थान के रावतभाटा में बना राणा प्रताप सागर बांध बिना बरसात 4 दिन में भर जाएगा। यह बांध चंबल नदी पर बनाया गया एक गुरुत्वाकर्षण बांध है। मध्यप्रदेश सरकार की ओर से चंबल नदी के सबसे बड़े बांध गांधीसागर पर 1920 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। इस वजह से शुक्रवार को गांधीसागर बांध के पांच स्लूज गेट खोलकर लगभग 89 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। यह पानी राणा प्रताप सागर (आरपीएस) बांध में भेजा जा रहा है। इसके बाद पनबिजली संयंत्र की मशीनें चालू कर पानी आगे प्रवाहित किया जाएगा। यह पहला अवसर है जब मई माह में ही बिना बरसात राणा प्रताप सागर बांध लबालब भरने की स्थिति में पहुंच रहा है।
गांधीसागर से पानी छोड़े जाने से पहले डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में सायरन बजाकर अलर्ट किया गया। राणा प्रताप सागर बांध में पानी की आवक शुरू होते ही नियंत्रण कक्ष सक्रिय हो गया और स्काडा सिस्टम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गांधीसागर बांध के कैचमेंट क्षेत्र में रामपुरा के पास खेमला में 1920 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना निर्माणाधीन है। परियोजना के अंतिम चरण में चंबल से पानी लेने के लिए कोफर डेम का निर्माण आवश्यक है, जिसके लिए बांध काू जलस्तर घटाना अनिवार्य था। मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग ने राजस्थान के जल संसाधन विभाग से अनुमति लेकर यह जल प्रवाह शुरू किया।
गांधीसागर बांध के कैचमेंट में बन रही 1920 मेगावाट पंप स्टोरेज परियोजना के लिए 891.944 एमसीएम जल प्रवाहित करना शुक्रवार को शुरू किया गया है। पांच स्लूज गेटों से लगभग 89 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, मध्यप्रदेश