कोटा में रोजाना करीब 22 लाख रुपए के आम की खपत है। जनता रोज 50 टन ‘बादाम’ खा रही है। केसर, दशहरी व हापुस की आवक 700 से 800 किग्रा है। जानें पूरी कहानी।
Kota News : कोटा में गर्मी आते ही आम की बहार आ जाती है। हाड़ौती में आम की खपत सबसे ज्यादा कोटा में होती है। सीजन में सबसे ज्यादा बादाम आम को पसंद करते है। थोक कारोबारियों के अनुसार, कोटा शहर में रोजाना 40 से 50 टन बादाम आम यानी करीब 22 लाख रुपए के आम की खपत है। सभाग में यह आंकड़ा 80 से 90 टन पहुंच जाता है। आम को चटनी, अचार, शेक, पन्ना आदि के रूप में भी खाया जाता है।
थोक व्यापारी दिनेश आडवाणी ने बताया कि कोटा में सबसे ज्यादा बादाम आम की डिमांड है। मंडी में अभी प्रतिदिन 40 से 50 टन आम की आवक हो रही है और पूरे आम की खपत कोटा शहर में हो रही है। इसके अलावा हापुस (अल्फांसो), केसर, लंगड़ा, दशहरी आम की आवक अभी शुरू हुई है। ये आम की प्रतिदिन 700 किग्रा आवक हो रही है। हापुस व केसर की डिमांड धनाढ्य वर्ग में ज्यादा है। अभी आम के भाव तेज हैं, लेकिन जैसे जैसे आवक बढ़ेगी तो दामों में गिरावट आएगी और खपत भी बढ़ेगी।
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आम - थोक भाव - रिटेल
बादाम - 30 से 55 - 50 से 80
केसर - 40 से 65 - 100 से 150
दशहरी - 40 से 70 -100 से 150
हापुस - 100 से 200 - 280 से 300
(हापुस आम का प्रति दर्जन भाव 600 से 700 रुपए है)।
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