राजस्थान पुलिस लापता बच्चों की तलाश के लिए चलाए ऑपरेशन मुस्कान की सफलता के किस्से सुना रही है, लेकिन 13 साल से एक बच्चे को नहीं तलाश सकी।
राजस्थान पुलिस लापता बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान की सफलता के किस्से हर जगह सुना रही है, लेकिन हकीकत ये है कि 13 साल से लापता एक बच्चे को तलाशना तो दूर उसका सुराग तक नहीं लगा सकी। अपने इकलौते बेटे की तलाश में बुजुर्ग पिता की आंखें पथरा गई हैं। हाल ही में उन्हें जानकारी मिली कि किसी ने उनके बेटे की हत्या कर दी, तो हर जगह से निराश हो चुके इस पिता ने प्रधानमंत्री कार्यालय तक में गुहार लगाई तो PMO ने भीमगंज मंडी थाने को चिट्ठी भेज दी, लेकिन पुलिस उसे भी दबा कर बैठ गई।
13 साल बाद भी नहीं लगा सुराग
खेड़ली फाटक निवासी राधाकिशन नायक ने बताया कि उनका इकलौता पुत्र जसवंत एक होजरी सेल पर काम करता था। वह 7 मार्च 2004 को दिन में घर से निकला, इसके बाद से नहीं लौटा। उसकी काफी तलाश की लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने 12 मार्च को भीमगंजमंडी थाने में रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की लेकिन बेटा नहीं मिला।
किसी ने कहा, हत्या हुई
नायक बताते हैं कि अभी करीब तीन महीने पहले उन्हें किसी ने जानकारी दी कि जसवंत की हत्या हो गई है। उन्होंने हत्या करने वालों के नाम भी बताए। जानकारी उन्होंने भीमगंजमंडी पुलिस को दी लेकिन वहां रिस्पांस नहीं मिला। इस पर उन्होंने पुलिस महानिदेशक और प्रधानमंत्री कार्यालय में गुहार लगाई। प्रधानमंत्री कार्यालय से मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने को कहा गया। वहां से प्रकरण भीमगंजमंडी थाने आया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
ऑटो चला पाल रहे परिवार
राधाकिशन ने बताया कि उनका पुत्र जब घर से लापता हुआ, उसकी बच्ची ६ माह की थी। वह आज साढ़े तेरह साल की हो गई है। पूरा परिवार उसकी तलाश कर रहा है। जसवंत ही उनके परिवार का सहारा था। वे किराए का ऑटो चलाकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। उनके दो पुत्रियां हैं। इनमें से एक की शादी हो चुकी जबकि दूसरी अविवाहित है।
जांच व पूछताछ कर ली है
भीमगंजमंडी थानाधिकारी रामखिलाड़ी मीणा ने बताया कि राधाकिशन का पुत्र लापता है, गुमशुदगी दर्ज की थी। उन्होंने कुछ समय पहले जिन लोगों पर हत्या का शक जाहिर किया और उन्हें जिसने हत्या की सूचना दी, उन सभी से पूछताछ कर ली। लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। प्रधानमंत्री कार्यालय से भी जांच का पत्र आया था, जांच कर रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दी है।