
Madhumita Shukla Murder Case: यूपी का बहुचर्चित 'मधुमिता शुक्ला हत्याकांड' एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार मामला कोर्ट-कचहरी का नहीं, बल्कि आधी रात को हुए एक बम धमाके का है। मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला ने आरोप लगाया है कि डराने के लिए उनके घर पर रात के अंधेरे में बम से हमला किया गया। निधि ने इस हमले के पीछे सीधे तौर पर यूपी के पूर्व मंत्री समेत 4 लोगों पर आरोप लगाया है। निधि ने पुलिस से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
यह पूरी वारदात लखीमपुर खीरी शहर के मिश्रनान मोहल्ले की है, जहां निधि शुक्ला अपने परिवार के साथ रहती हैं। वारदात 30 जून और 1 जुलाई की रात की बताई जा रही है। निधि शुक्ला के मुताबिक, रात के करीब तीन बजे जब पूरा परिवार सोया हुआ था, तभी अचानक घर के बाहर एक बहुत तेज धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी भयानक थी कि निधि की सुरक्षा में तैनात पुलिस का सिपाही भी बुरी तरह घबरा गया। सिपाही ने तुरंत फोन करके निधि को जगाया और कहा कि बाहर बम विस्फोट जैसा बहुत तेज धमाका हुआ है, इसलिए वे जल्दी से दरवाजा खोलें। लेकिन निधि ने डर के मारे रात में दरवाजा नहीं खोला और सीधे 112 नंबर पर पुलिस को फोन कर दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर उन्होंने दरवाजा खोला।
निधि शुक्ला ने इस मामले में पुलिस को तहरीर देकर तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की है। निधि का कहना है कि यह हमला सिर्फ उन्हें डराने-धमकाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी जान लेने की नीयत से भी कराया जा सकता है। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि यह हमला उन्हें मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में चल रही कानूनी लड़ाई से पीछे हटने के लिए मजबूर करने के मकसद से कराया गया है। निधि ने कहा कि अगर भविष्य में उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य के साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो पूरी जिम्मेदारी इसके पीछे हमला कराने वालों की होगी।
यह पूरा मामला करीब 23 साल पुराना है। 9 मई 2003 को लखनऊ में रहने वाली एक मशहूर कवयित्री मधुमिता शुक्ला की उनके ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने उस वक्त यूपी की सियासत में भूचाल ला दिया था, क्योंकि जांच के दौरान सामने आया कि मधुमिता सात महीने की गर्भवती थी। इसके बाद जब DNA टेस्ट हुआ, तो सामने आया कि उस बच्चे का संबंध यूपी सरकार के बड़े मंत्री अमरमणि त्रिपाठी से था।