Putin India Visit: क्या अब रूस में काम करेगा आपका PhonePe और Google Pay? जानें कैसे भारत का UPI और रूस का SBP मिलकर कैसे काम करेगा पूरा सिस्टम।
Putin India Visit 2025: इन दिनों सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी की एक बड़ी कहानी की गवाह बन रही है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे हैं, और हमेशा की तरह रक्षा सौदे सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार एक ऐसी खबर हवा में तैर रही है, जिसने टेक और बिजनेस जगत की धड़कनें तेज कर दी हैं।
चर्चा ये है कि भारत और रूस मिलकर एक ऐसा डिजिटल पुल बनाने की तैयारी में हैं, जिससे दोनों देशों के लोग बिना डॉलर खरीदे, सीधे अपने मोबाइल से भुगतान कर सकेंगे। सोच कर देखिए… UPI से रूस में पेमेंट, यह आइडिया ही रोमांचित करने वाला है।
मामला सिंपल है। भारत का UPI और रूस का SBP (Faster Payments System) इन दोनों को जोड़ने पर बातचीत चल रही है। अगर यह लिंक बन जाता है तो रूस में किसी कैफे या स्टोर पर मौजूद QR कोड को आप उसी तरह स्कैन कर पाएंगे जैसे भारत में करते हैं।
आपके खाते से रुपये कटेंगे, दुकानदार को रूबल मिलेंगे और डॉलर पर निर्भरता कम होगी। कोई एक्सचेंज काउंटर नहीं, कोई लंबी प्रक्रिया नहीं यानि सीधा मोबाइल पेमेंट हो जाएगा।
रूसी मीडिया Izvestia के मुताबिक, उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको ने मान लिया है कि UPI-SBP लिंकिंग इस शिखर बैठक का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका कहना है दोनों देश चाहते हैं कि यात्रियों और छात्रों को भुगतान में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
रूस के सबसे बड़े बैंक Sberbank के CEO हरमन ग्रेफ ने दिल्ली में बताया कि उनका बैंक एक ऐसे सिस्टम पर काम कर रहा है जो भारतीय पेमेंट इंटरफेस से जुड़ सके। यानी बैंकिंग स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है। अब बात तकनीकी और नियामकीय मंजूरी की है।
यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका ने रूस को SWIFT सिस्टम से बाहर कर दिया था। Visa और Mastercard ने भी रूस में काम रोक दिया। ऐसे माहौल में UPI रूस के लिए एक संभावित विकल्प बन गया है। एक ऐसा विकल्प जो लेन-देन को डॉलर से अलग दिशा दे सकता है। यही वजह है कि यह कदम अमेरिका की वित्तीय पकड़ को चुनौती मानकर देखा जा रहा है।
भारतीय छात्र: हजारों भारतीय छात्र रूस में MBBS कर रहे हैं। उनके परिवारों को फीस भेजने में अभी लंबा प्रोसेस और ज्यादा शुल्क देना पड़ता है। UPI-SBP लिंक से यह काम मिनटों में हो सकेगा।
पर्यटक: रूस घूमने वाले भारतीयों को अब डॉलर बदलाने की कसरत नहीं करनी पड़ेगी। QR कोड स्कैन से पेमेंट हो जाएगा।
व्यापारी और छोटे निर्यातक: पेमेंट की देरी और बैंकिंग अड़चनों से व्यापार अक्सर रुक जाता है। यह सिस्टम शुरू होने के बाद लेन-देन काफी सुगम हो सकता है।
आपको यह जानना जरूरी है कि यह सिस्टम तत्काल प्रभाव से लागू नहीं हो रहा है। अभी दोनों देशों के बीच समझौता होना बाकी है, तकनीकी बातचीत एडवांस्ड स्टेज में है। बैंकिंग सर्वर को जोड़ने और डेटा सिक्योरिटी के कड़े मानकों को तय करने में थोड़ा वक्त लगेगा।इसका सीधा मतलब है कि रूस में भारतीय ऐप्स के जरिए भुगतान शुरू होने में कुछ समय लग सकता है।