Crying in Space Video : दुनिया के मशहूर एस्ट्रोनॉट क्रिस हैडफील्ड ने अंतरिक्ष में रोने का वीडियो शेयर किया है। देखिए, स्पेस में रोने पर क्या होता है?
Crying in Space Video : दुनिया के मशहूर एस्ट्रोनॉट क्रिस हैडफील्ड ने अंतरिक्ष में रोने का वीडियो शेयर किया है। धरती पर रोना-धोना कितना आसान होता है लेकिन, यही काम अंतरिक्ष में मुश्किल भरा है। अगर आप इस सवाल का जवाब खोज रहे हैं कि अंतरिक्ष में रोने पर क्या होगा, स्पेस में रोने पर आंसुओं का क्या होता है? इसका जवाब आपको नीचे मिलने वाला है।
हैडफील्ड ने अंतरिक्ष में रोने का वीडियो शेयर कर लिखा, "भारहीन होना बहुत सी चीजों को बदल देता है। यहां तक कि रोने को भी। यह आपके पाचन, रक्त प्रवाह, मांसपेशियों और हड्डियों के घनत्व, दृष्टि, संतुलन - और यहां तक कि आपकी लंबाई को भी बदल देता है! अपनी तीन अंतरिक्ष यात्राओं के दौरान, मुझे जब भी खाली समय मिलता था, मैं दुनिया भर के बच्चों और बड़ों के सवालों के जवाब देने की कोशिश करता था।"
हैडफिल्ड के वीडियो में देख सकते हैं कि उनके आंसू आंखों के आसपास ही एक बबल की तरह एकत्र हो जाते हैं। जबकि, यही आंसू धरती पर टप-टप करके गिर जाते हैं। दरअसल, अंतरिक्ष में शून्य गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी) के कारण आंसू अंतरिक्ष में नहीं गिरते हैं। इस वजह से कई बार आंखों से बाहर ना जाने के कारण जलन भी पैदा कर देते हैं। बता दें, क्रिस हैडफिल्ड ने पानी को अपनी आंखों में डालकर यह एक्सपेरीमेंट अंतरिक्ष में किया और उसको टावल से पोंछा भी।
बता दें, एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला और सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) ने भी अंतरिक्ष के अनुभव को शेयर किया था। उन्होंने नहाने, खाने से से लेकर तमाम रोचक बातों को लोगों को बताया था।
अंतरिक्ष की दुनिया वाकई निराली है। यहां पर जीवन आसान नहीं है। पर, इसे सहज बनाने के लिए एस्ट्रोनॉट लगातार काम कर रहे हैं। अभी तक यहां पर पौधा उगाने से लेकर ऐसी कई चीजें की गई। इसरो से लेकर नासा तक के वैज्ञानिक इसको लेकर कुछ ना कुछ नया प्रयोग भी कर रहे हैं।
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