Silver Glass Water Drinking Benefits: चांदी के बर्तन में पानी पीने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आयुर्वेद में शीतल और शुद्ध करने वाला माना गया है। अब विज्ञान भी इसके गुणों की पुष्टि कर रहा है, ऐसे में सवाल उठता है क्या वाकई चांदी का पानी सेहत के लिए फायदेमंद है?
Silver Glass Water Drinking Benefits: आजकल सेहत को लेकर लोग फिर से पुराने देसी नुस्खों की ओर लौट रहे हैं और इसी कड़ी में चांदी के बर्तन में रखा पानी एक बार फिर चर्चा में है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की कई रिसर्च और आयुर्वेद के अनुसार, चांदी को शुद्ध और औषधीय धातु माना जाता है। लेकिन सवाल यही है क्या चांदी का पानी वाकई बैक्टीरिया से लड़ सकता है? क्या इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण केवल मान्यताएं हैं या इसके पीछे विज्ञान भी काम करता है? इस लेख में हम जानेंगे कि Silver Water के फयदे क्या हैं, चांदी का पानी शरीर में कैसे काम करता है और सेहत के लिए यह कितना फायदेमंद साबित हो सकता है।
पुराने समय में लोग पानी को शुद्ध रखने के लिए चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करते थे। आयुर्वेद के अनुसार, चांदी शरीर की ऊर्जा को संतुलित करती है, पाचन को बेहतर बनाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है। यही वजह है कि आज भी कई घरों में सिल्वर ग्लास या सिल्वर लोटे में पानी रखा जाता है।
चांदी की सबसे बड़ी खासियत इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण हैं। जब पानी को चांदी के गिलास में रखा जाता है, तो उसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं। इससे पानी ज्यादा स्वच्छ और सुरक्षित बनता है, जो संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है।
चांदी को पारंपरिक रूप से प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर माना गया है। माना जाता है कि चांदी का पानी शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में भी यह पाया गया है कि सिल्वर के कण हानिकारक पैथोजन्स की ग्रोथ को रोकने में मदद कर सकते हैं।
अपने एंटी-वायरल गुणों की वजह से चांदी का पानी सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़ी समस्याओं से बचाव में मददगार माना जाता है। नियमित रूप से सिल्वर ग्लास में पानी पीने से गले में खराश, साइनस और बार-बार होने वाले इन्फेक्शन की समस्या कम हो सकती है।
अगर आपको गैस, अपच या पेट से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, तो चांदी का पानी फायदेमंद हो सकता है। यह आंतों में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है और पाचन तंत्र को संतुलित रखता है। आयुर्वेद में इसे पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण से भी जोड़ा जाता है।
चांदी के पानी को त्वचा के लिए भी अच्छा माना जाता है। इसके एंटी-ऑक्सीडेंट गुण फ्री-रैडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं, जिससे उम्र बढ़ने के असर धीमे हो सकते हैं। कई लोगों का मानना है कि इससे त्वचा में निखार आता है और वह ज्यादा हेल्दी दिखती है।
चांदी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन और दर्द को कम करने में सहायक हो सकते हैं। जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में जकड़न या हल्की सूजन की समस्या में चांदी का पानी लाभ पहुंचा सकता है।
पारंपरिक चिकित्सा में चांदी का इस्तेमाल त्वचा की कई समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। माना जाता है कि चांदी का पानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर खून को साफ करता है, जिससे मुंहासे, रैशेज और अन्य स्किन प्रॉब्लम्स में सुधार हो सकता है। कुछ लोग इसे बाहरी तौर पर भी कट, जलन या रैश पर इस्तेमाल करते हैं।
रात में चांदी के गिलास या बर्तन में पानी भरकर रखें और सुबह खाली पेट पिएं। ध्यान रखें कि चांदी शुद्ध हो और जरूरत से ज्यादा सेवन न किया जाए।