
Monsoon Health Tips:मानसून का मौसम जहां एक ओर ठंडी हवाओं और बरसात की रिमझिम से सुकून देता है, वहीं दूसरी ओर यह बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इस मौसम में पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं, वायरल इंफेक्शन और फूड पॉइजनिंग जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। ऐसे में खानपान को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है। तो सवाल ये उठता है आखिर बारिश में क्या खाएं और क्या न खाएं? कौन-से फूड इम्युनिटी बढ़ाते हैं और किनसे दूरी बनाना बेहतर है? आइए, जानते हैं एक्सपर्ट से कि इस मौसम में सेहतमंद रहने के लिए क्या शामिल करें अपनी डाइट में और किन चीजों से बचना चाहिए।
डॉ. अर्जुन राज (आयुर्वेदिक चिकित्सक) बताते हैं कि बारिश का मौसम जहां सुकून और ठंडक लेकर आता है, वहीं यह समय संक्रमण, अपच और पाचन से जुड़ी समस्याओं का भी खतरा बढ़ा देता है। ऐसे में सही खानपान अपनाकर और कुछ सावधानियों को ध्यान में रखकर हम खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।
बारिश में शरीर की पाचन शक्ति थोड़ी धीमी हो जाती है, इसलिए इस मौसम में हल्का, कम तला-भुना और आसानी से पचने वाला भोजन ही करें। जैसे दलिया, खिचड़ी, उबली हुई सब्जियां, मूंग दाल, सूप आदि।
गरम पानी, अदरक वाली चाय, तुलसी का काढ़ा, सौंफ का पानी और सूप जैसी चीजें न केवल गले और पाचन तंत्र को राहत देती हैं, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती हैं।
बारिश के मौसम में ऐसे फल खाएं जिनमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर हों। जैसे सेब, पपीता, नाशपाती, जामुन, अनार आदि। ये फल पाचन सुधारते हैं और शरीर को ऊर्जा भी देते हैं।
दही, छाछ जैसे प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं जो आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इन्हें रोजाना भोजन में शामिल करें।
हल्दी वाला दूध, तुलसी, अदरक, लहसुन, आंवला जैसे तत्व रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। इन्हें काढ़ा या भोजन में शामिल करें।
बारिश में सड़क किनारे मिलने वाला चाट, पकौड़ी, गोलगप्पा जैसे आहार बैक्टीरिया और संक्रमण का घर बन जाते हैं। इनसे दूरी बनाकर रखें।
पकौड़े, समोसे, चिप्स जैसे तले हुए खाने और अत्यधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन अपच, एसिडिटी और गैस की समस्या पैदा कर सकता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी आदि में कीटाणुओं और मिट्टी के अंश हो सकते हैं। इन्हें अच्छे से धोकर और पका कर ही सेवन करें। कच्ची सब्जियां, सलाद आदि से दूरी बनाएं।
बरसात में नमी अधिक होने के कारण मछलियों और अन्य समुद्री भोजन में जल्दी खराबी आ सकती है। इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है।
-साफ और उबला हुआ पानी पिएं: बारिश में जल-जनित रोग बढ़ जाते हैं। इसलिए हमेशा उबला या फ़िल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
-हाथों की स्वच्छता बनाए रखें: खाना बनाने और खाने से पहले हाथ धोना जरूरी है ताकि बैक्टीरिया न फैलें।
-फ्रिज में रखे खाने से सावधान रहें: बासी या लंबे समय तक फ्रिज में रखा खाना खाने से बचें।
-पर्याप्त नींद लें और तनाव न लें: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए नींद जरूरी है।
-बारिश में भीगने से बचें और भीग जाएं तो तुरंत कपड़े बदलें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।