Navi Mumbai International Airport सिर्फ एक नया हवाईअड्डा नहीं, बल्कि भारत के लिए आधुनिक डिजाइन और इंजीनियरिंग का प्रतीक है। कमल के आकार वाला यह टर्मिनल देश की नवीनता, विकास और पहचान का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
Navi Mumbai International Airport: भारत के नए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज आधिकारिक रूप से उद्घाटन हो गया है। यह देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसकी लागत करीब 19,650 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण अदाणी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स के नेतृत्व में हुआ है जबकि इसका डिजाइन मशहूर आर्किटेक्चर फर्म ज़ाहा हदीद आर्किटेक्ट्स (ZHA) ने तैयार किया है।
इस एयरपोर्ट का डिजाइन भारत के राष्ट्रीय फूल कमल से प्रेरित है। टर्मिनल की छत स्टील और ग्लास से बनी है जो ऊपर से तैरती हुई लगती है। इसे पंखुड़ी जैसी कॉलम्स का सहारा दिया गया है। ये कॉलम न सिर्फ दिखने में सुंदर हैं बल्कि भूकंप और तेज हवाओं का भार भी झेल सकते हैं।
एयरपोर्ट का डिजाइन भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का मेल है। यह न केवल सुंदर दिखता है बल्कि यात्रियों के लिए आरामदायक और उपयोगी भी है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट के पहले फेज में 3,700 मीटर लंबा रनवे और एक मुख्य टर्मिनल बनाया गया है। इसकी क्षमता 20 मिलियन (2 करोड़) यात्रियों प्रति वर्ष की है। आने वाले समय में एयरपोर्ट का विस्तार करके यह क्षमता 60 से 90 मिलियन यात्रियों प्रति वर्ष तक बढ़ाई जाएगी।
भविष्य में यहां चार टर्मिनल और दो रनवे होंगे जिससे यह एशिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। पहले फेज में एयर कार्गो की क्षमता लगभग 0.8 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तय की गई है।
एयरपोर्ट का इंटीरियर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। पहले चरण में 88 चेक-इन काउंटर हैं जिनमें से 66 मैनुअल और 22 सेल्फ-सर्विस हैं। एयरपोर्ट में यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए ट्रैवलैटर, खुले कॉनकोर्स, और स्पष्ट दिशा संकेत लगाए गए हैं। टर्मिनल के अंदर प्राकृतिक रोशनी और खुली जगहों से यात्रियों को एक आरामदायक अनुभव मिलेगा।
यह एयरपोर्ट नवी मुंबई के उलवे इलाके में बनाया गया है जो दक्षिण मुंबई से लगभग 37 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट को सड़क और रेल दोनों से जोड़ा गया है ताकि यात्रियों को आने-जाने में परेशानी न हो।
कनेक्टिविटी के लिए हाईवे अपग्रेड, रेल शटल्स और कोस्टल रोड लिंक जैसी योजनाएं तैयार की गई हैं जिससे यह एयरपोर्ट मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आसानी से जुड़ सकेगा।
नवी मुंबई एयरपोर्ट की योजना GVK ग्रुप और CIDCO ने मिलकर बनाई थी। साल 2018 में ज़ाहा हदीद आर्किटेक्ट्स ने इस एयरपोर्ट के डिजाइन की प्रतियोगिता जीती। बाद में यह प्रोजेक्ट अदाणी एयरपोर्ट्स को सौंप दिया गया। काम को कई चरणों में पूरा किया गया ताकि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और निर्माण कार्य सही समय पर पूरे किए जा सकें।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ एक नया हवाईअड्डा नहीं, बल्कि भारत के लिए आधुनिक डिजाइन और इंजीनियरिंग का प्रतीक है। कमल के आकार वाला यह टर्मिनल देश की नवीनता, विकास और पहचान का प्रतीक बनकर उभर रहा है।
पूरा प्रोजेक्ट पूरी तरह चालू होने के बाद यहां से हर साल करीब 90 मिलियन यात्री यात्रा कर सकेंगे। यह मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट का दबाव कम करने के साथ-साथ भारत के विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाई देगा।