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New Year 2026 Trend : “शराब नहीं, दूध पियो”, नशे से नहीं, नई सोच से शुरू हो रहा 2026, शरीर से जेब तक पर होगा असर

New Year 2026 Trend : नए साल 2026 (Happy New Year 2026) की शुरुआत एक हेल्दी ट्रेंड- शराब नहीं, दूध पियो... के साथ हो रही है। ऐसे कई पोस्टर जयपुर में लगे हैं। आइए, इस हेल्दी ट्रेंड के पीछे जुड़े फायदों को जानते हैं।

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Dec 31, 2025
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI

New Year 2026 Trend : नए साल 2026 (Happy New Year 2026) की शुरुआत एक हेल्दी ट्रेंड (Healthy Trend 2026) के साथ हो रही है। राजस्थान की राजधानी जयपुर के एपेक्स सर्किल और डब्ल्यूटीपी के आसपास बड़ा पोस्टर लगा हुआ है और उस पर लिखा है- "नए साल पर शराब नहीं, दूध पियो"। इस तरह का ट्रेंड क्यों और ये कैसे शरीर से लेकर जेब तक पर असर डाल सकता है।

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नए साल पर हेल्दी ट्रेंड (Healthy Trend 2026)

अगर आप नए साल 2026 पर कुछ हेल्दी करने की सोच रहे हैं तो आपको ये फॉलो करना चाहिए। अगर आप नए साल के मौके पर शराब छोड़ने की सोच रहे हैं तो कुछ बातों को समझ लीजिए ताकि छोड़ना आसान लगे।

दूध बनाम शराब: 2026 में किसका करें चुनाव

दूध पोषण से भरपूर है, नींद लाने में कारगर, एनर्जी देने का काम करता है। जबकि, शराब जानलेवा बीमारी कैंसर को जन्म दे सकता है। इसके अलावा शरीर में डिहाइड्रेशन, थकान, नींद खराब करने का काम आदि करता है। सोचिए, आप क्या पीना पसंद करोगे।

हेल्थ के साथ पैसे की भी बचत

ICRIER और मनीकंट्रोल के आंकड़ों के मुताबिक, भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते शराब बाजारों में से एक है। 2020 में इसका बाजार $52.5 बिलियन था, जिसके 2023 तक 6.8% की वार्षिक दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान लगाया गया था। साथ ही भारत में खपत में उछाल देखने को मिली। वित्त वर्ष 2024 के दौरान, भारतीय परिवारों द्वारा मादक पेय पदार्थों और तंबाकू पर किए जाने वाले खर्च में 15.7% की भारी वृद्धि देखी गई।

विश्व स्वास्थ्य संगठन और Euromonitor की जानकारी के मुताबिक, 2022-23 के आसपास, भारत में 15 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में प्रति व्यक्ति शराब की खपत लगभग 2 से 3 लीटर प्रति वर्ष आंकी गई।

दुनिया में व्हिस्की पीने वाले सबसे अधिक उपभोक्ता भारत में हैं।

अगर साधारण तौर पर देखा जाए तो व्हिस्की की एक बोतल 800 रुपए में आती है। वहीं, इसके नुकसान ही नुकसान हैं। जबकि, 55 रुपए में एक लीटर दूध आ सकता है। आप 800 रुपए में लगभग 14.54 लीटर दूध ले सकते हैं। अगर ना ले तो भी 800 रुपए की बचत कर सकते हैं। इस हिसाब से भी ये फायदे का ट्रेंड है जिसे अपना लेना चाहिए।

2024 में भी था ये ट्रेंड- "शराब नहीं, दूध पियो"

पिछले साल भी जयपुर में "शराब नहीं, दूध पियो" का ट्रेंड चला था। राजस्थान युवा छात्र संस्था और इंडियन अस्थमा केयर सोसायटी की ओर से दूध पिलाओ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें करीब 7 हजार लीटर दूध खर्च हुआ था।

"शराब नहीं, दूध पियो" का उद्देश्य है- युवाओं को नशा से दूर और हेल्दी चीजों के करीब लाना है।

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