
Irresponsible Tourism in India: वीकेंड पर लोग पहाड़ों या अन्य पर्यटन स्थल पर घूमने का प्लान बनाने लगते हैं। इससे उस जगह का टूरिज्म तो बढ़ता है, लेकिन स्थानीय लोगों को अपने डेली रूटीन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसका अंदाजा आए दिन सोशल मीडिया पर पहाड़ों पर लगने वाले जाम से लगाया जा सकता है। इसके अलावा टूरिस्ट डेस्टिनेशन को गंदा करने के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।
आज की स्टोरी में हम 4 ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपनी खूबसूरती के बदले इन दिनों सोशल मीडिया पर टूरिस्टों द्वारा फैलाई गई गंदगी के चलते सुर्खियों में हैं।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिला में स्थित चंद्रताल झील की खूबसूरती का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इसकी नेचुरल ब्यूटी का जिक्र रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी फिल्म 'लुटेरा' में किया है। लेकिन इन दिनों चंद्रताल झील अपनी खूबसूरती के चलते नहीं, बल्कि पर्यटकों की लापरवाही के कारण यहां बढ़ रही गंदगी की वजह से चर्चा में है। हर साल लाखों लोग इस जगह की सुंदरता को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं, जिसकी वजह से अब यह जगह ऑफबीट लोकेशन नहीं रह गई है और इसी कारण यहां कूड़े के ढेर भी बढ़ने लगे हैं।
उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में गढ़वाल हिमालय की तलहटी में स्थित ऋषिकेश, तीर्थस्थल होने के साथ-साथ एक फेमस टूरिस्ट प्लेस भी है। इसे विश्व की "योग राजधानी" (Yoga Capital of the World) के रूप में भी जाना जाता है। यहां की खूबसूरती और शांति के चलते दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए यह वीकेंड पर घूमने की फेवरेट जगहों में से एक है। जिसके चलते यहां काफी ज्यादा भीड़ के साथ ही प्रदूषण भी बढ़ने लगा है।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और चीन की सीमा पर स्थित पांगोंग त्सो झील दुनिया की सबसे ऊंची खारे पानी की झीलों में से एक है। इसका पानी दिन में कई बार रंग बदलता है (गहरे नीले से लेकर पन्ना हरे रंग तक)। वहीं आसमान और पहाड़ों का झील में स्पष्ट प्रतिबिंब बनता है। लेकिन पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ यहां भी गंदगी और कचरा बढ़ने लगा है, जिसकी एक वीडियो एक्स (X) पर एक यूजर ने शेयर की है, जिसमें एक आदमी झील में कार चलाता तो दिख रहा है।
दिल्ली और इसके आसपास रहने वाले लोगों के लिए इंडिया गेट टूरिस्ट स्पॉट के साथ-साथ पिकनिक के लिए भी फेवरेट जगहों में से एक है। लेकिन यहां मिलने वाली खाने-पीने की चीजों के साथ ही लोगों द्वारा लाए गए खाने के रैपर्स और प्लास्टिक के कचरे के चलते यहां भी गंदगी बढ़ती जा रही है।