Sesame Oil Bathing Benefits: सर्दियों के मौसम में त्वचा का रूखा और बेजान हो जाना एक आम समस्या है। ठंडी हवा, कम नमी और गर्म पानी से नहाने की आदत स्किन से नेचुरल ऑयल छीन लेती है। आयुर्वेद में इस समस्या का एक सरल और असरदार समाधान बताया गया है तिल के तेल से स्नान।
Sesame Oil Bathing Benefits In Winter: सर्दियों में ठंडी हवा और कम नमी के कारण त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। ऐसे में आयुर्वेद में बताया गया तिल के तेल से स्नान एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय माना जाता है। यह न सिर्फ त्वचा की नमी को बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि उसे अंदर से पोषण देकर सॉफ्ट और हेल्दी भी बनाता है। सर्दियों में नियमित रूप से तिल के तेल से स्नान करने से ड्रायनेस, खुजली और खिंचाव जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार तिल का तेल त्वचा के लिए सबसे पोषक तेलों में से एक है। इसमें मौजूद प्राकृतिक फैटी एसिड त्वचा की गहराई तक जाकर उसे पोषण देते हैं। खासतौर पर बढ़ती उम्र में, जब स्किन अपनी नमी खोने लगती है, तब तिल के तेल का इस्तेमाल बेहद लाभकारी माना जाता है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अध्ययनों के अनुसार, तिल के तेल में विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं, जो स्किन सेल्स को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। यह त्वचा को यूवी किरणों के प्रभाव से भी कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान करता है।
सर्दियों में ड्राई स्किन की समस्या तेजी से बढ़ती है। तिल के तेल से स्नान करने पर त्वचा में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। इसमें मौजूद लिनोलिक और ओलिक एसिड स्किन बैरियर को मजबूत बनाते हैं, जिससे रूखापन कम होता है और त्वचा मुलायम बनी रहती है।
अगर स्किन डल और थकी हुई नजर आने लगी है, तो तिल के तेल का स्नान फायदेमंद हो सकता है। यह त्वचा की ऊपरी परत को पोषण देकर उसकी प्राकृतिक चमक को बनाए रखने में मदद करता है। नियमित उपयोग से स्किन ज्यादा स्मूद और हेल्दी दिखने लगती है।
तिल का तेल नॉन-कॉमेडोजेनिक होता है, यानी यह पोर्स को बंद नहीं करता। इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण मुंहासों, रेडनेस और स्किन इरिटेशन को शांत करने में मदद करते हैं। यह स्किन में आसानी से अवशोषित होकर संतुलन बनाए रखता है।
उम्र के साथ स्किन पतली और ढीली होने लगती है। तिल के तेल से स्नान करने पर स्किन को गहराई से हाइड्रेशन मिलता है, जिससे उसकी इलास्टिसिटी बेहतर होती है। साथ ही, यह स्किन के पीएच लेवल को संतुलित रखने में भी सहायक है।
एक बाल्टी हल्का गुनगुना पानी लें और उसमें 5–6 बूंद शुद्ध तिल का तेल मिलाएं। इस पानी से धीरे-धीरे स्नान करें। चाहें तो नहाने से पहले हल्की मसाज भी कर सकते हैं। यह तरीका खासतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और अत्यधिक ड्राई स्किन वालों के लिए लाभकारी माना जाता है।सर्दियों में अगर आप बिना ज्यादा केमिकल्स के अपनी त्वचा को स्वस्थ और कोमल बना