लाइफस्टाइल

युगांडा का सबसे अमीर शख्स सुधीर रूपारेलिया; 94.95 करोड़ का आलीशान घर, 33,000 बोतलों का वाइन सेलर

Who is Sudhir Ruparelia: देश से निकाले गए, रिफ्यूजी जीवन जीने के बावजूद सुधीर रूपारेलिया आज अपनी मेहनत के दम पर दुनिया के अमीरों में गिने जाते हैं। आइए जानते हैं Sudhir Ruparelia Luxury Lifestyle के बारे में।

5 min read
May 20, 2026
सुधीर रूपारेलिया कौन हैं (file photo)| image credit facebook/Dr.SudhirRupareliaOfficial

Sudhir Ruparelia Luxury Lifestyle: अफ्रीका के अरबपतियों की जब भी बात होती है तो लिस्ट में ज्यादातर नाम नाइजीरिया, साउथ अफ्रीका या मिस्र के रहने वालों के आते हैं। लेकिन इन सबके बीच सुधीर रूपारेलिया एक ऐसा नाम है, जिन्होंने देश से निकाले जाने के मुश्किल वक्त के बाद भी अपनी एक अलग पहचान बनाई।

युगांडा में जन्मे इस भारतीय मूल के बिजनेसमैन की लग्जरी लाइफस्टाइल भी देखते बनती है। आइए जानते हैं कौन हैं सुधीर रूपारेलिया और कैसी रही उनकी सक्सेस जर्नी, आलीशान बंगले, लग्जरी गाड़ियों और उनके बिजनेस साम्राज्य के बारे में विस्तार से।

ये भी पढ़ें

अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ में रोजाना क्यों बनती हैं 4000 रोटियां? पढ़िए इसके पीछे का सच

सुधीर रूपारेलिया कौन हैं? (Who is Sudhir Ruparelia, the richest man in Uganda?)

सुधीर 'रूपारेलिया ग्रुप' के फाउंडर और चेयरमैन हैं। उन्हें ईस्ट अफ्रीका के सबसे कामयाब बिजनेसमैन में गिना जाता है और वे युगांडा के सबसे अमीर इंसान माने जाते हैं। उनकी सफलता की कहानी एक जगह से दूसरी जगह जाने, मुश्किलों से लड़ने और खुद को दोबारा खड़ा करने की कहानी है, जो गुजरात से शुरू होकर हिंद महासागर को पार करते हुए ईस्ट अफ्रीका तक पहुंची। उन्हें देश छोड़ना पड़ा था, लेकिन इन सब के बावजूद हार न मानते हुए वे आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।

सुधीर रूपारेलिया आलीशान बंगला (Sudhir Ruparelia Luxurious Mansion)

रूपारेलिया का घर युगांडा के सबसे आलीशान घरों में से एक है। यह 'रूपारेलिया रेजिडेंस' के नाम से जाना जाता है। इसमें चार फ्लोर हैं और यह 900 स्क्वायर मीटर में फैला है, जबकि पार्किंग और पूल एरिया अलग से 400 स्क्वायर मीटर में है।

घर में 16 बेडरूम हैं जिसमें से 8 स्टाफ के लिए और 8 परिवार के लिए। इसके अलावा इसमें पांच किचन, एक बड़ा बैंक्वेट हॉल, 120 लोगों के बैठने वाला स्पोर्ट्स बार, जिम, स्पा, और एक वाइन सेलर है जिसमें 33,000 बोतलें रखी जा सकती हैं। इस घर को मेंटेन करने के लिए 46 स्टाफ काम करते हैं। पूरे घर की लागत करीब 37 बिलियन युगांडा शिलिंग यानी लगभग लगभग ₹94.95 करोड़ है।

लग्जरी गाड़ियों के मालिक हैं सुधीर रूपारेलिया (Sudhir Ruparelia Luxurious Cars and Assets)

सुधीर के पास महंगी और शानदार गाड़ियों का कलेक्शन है-

  • लेक्सस स्पोर्ट्स प्लस (Lexus Sports Plus): कीमत करीब 814 मिलियन युगांडा शिलिंग (लगभग ₹2.08 करोड़)
  • रेंज रोवर वोग 2022 (Range Rover Vogue): कीमत करीब 790 मिलियन युगांडा शिलिंग (लगभग ₹2.02 करोड़)
  • रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी 2022 (Range Rover Autobiography): कीमत करीब 650 मिलियन युगांडा शिलिंग (लगभग ₹1.66 करोड़)।
  • रोल्स रॉयस कुल्लिनन (Rolls Royce Cullinan): कीमत करीब 1.136 बिलियन युगांडा शिलिंग (लगभग ₹2.91 करोड़)
  • मर्सिडीज बेंज ई-क्लास (Mercedes Benz E-Class): कीमत करीब 434 मिलियन युगांडा शिलिंग(लगभग ₹1.11 करोड़)

इसके अलावा, उनके पास घोड़ों का फार्म, खास तरह से ट्रेंड किए गए कुत्ते (कीमत 140 मिलियन युगांडा शिलिंग, लगभग ₹3.59 लाख) और अपनी पर्सनल लग्जरी बोट क्रूज भी है।

रूपारेलिया परिवार का इतिहास (History of the Ruparelia family and their roots in East Africa)

साल 1897 में सुधीर रूपारेलिया के परदादा गुजरात के पोरबंदर से एक नाव के जरिए केन्या के मोम्बासा गए थे। इसके बाद साल 1903 तक उनका परिवार युगांडा के अंदरूनी इलाके में आ गया, जो उस समय अंग्रेजों के कब्जे में था।

उनके दादा का जन्म 1908 में, पिता का 1932 में और खुद सुधीर का जन्म 1956 में वहीं हुआ। इस तरह रूपारेलिया परिवार ईस्ट अफ्रीका में बसने वाले सबसे शुरुआती भारतीय परिवारों में से एक बन गया। बाद में इस परिवार ने जिंजा में एक छोटी सी दुकान खोली और फिर क्वीन एलिजाबेथ नेशनल पार्क में एक पेट्रोल पंप की शुरुआत की।

देश से निकाले जाने के बाद शरणार्थी जीवन (The expulsion of Asians from Uganda and Sudhir Ruparelia's refugee life)

1970 के दशक में युगांडा के तानाशाह ईदी अमीन के राज में एक बड़ा संकट आया। उनके परिवार समेत करीब 50,000 एशियाई लोगों को 90 दिनों के अंदर युगांडा छोड़ने का हुक्म दे दिया गया।

उन्हें अपना बिजनेस, घर और सब कुछ वहीं छोड़ना पड़ा। सुधीर उस वक्त सिर्फ 16 साल के थे। जब उनका परिवार एक शरणार्थी (रिफ्यूजी) के तौर पर यूनाइटेड किंगडम (UK) जाने के लिए मजबूर हुआ, तो सुधीर ने खुद अपनी मर्जी से वहीं रुकने का फैसला किया। उन्होंने अपने माता-पिता को भरोसा दिलाया कि वे बाद में उनसे मिलेंगे। बाद में वे लंदन चले गए और पैसे कमाने के लिए छोटे-मोटे काम करने लगे। उन्होंने फैक्ट्रियों में काम किया, टेस्ट ट्यूब पर पिघला हुआ मोम हटाने का काम किया और तंग रिफ्यूजी घरों में सोए।

युगांडा वापसी और बिजनेस की शुरुआत (Return to Uganda and the establishment of Ruparelia Group)

1980 के दशक के बीच में युगांडा की अर्थव्यवस्था काफी खराब हो चुकी थी। तब राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने सत्ता संभाली और देश छोड़कर गए लोगों को वापस आने का न्योता दिया। इस तरह 1985 में सुधीर रूपारेलिया अपनी करीब 25,000 डॉलर की जमापूंजी के साथ वापस युगांडा आ गए।

उन्होंने शुरुआत में केन्या जैसे पड़ोसी देशों से बीयर, नमक और चीनी जैसी चीजें लाकर बेचने का बिजनेस शुरू किया। इसी छोटे से व्यापार ने आगे चलकर उनके बड़े बिजनेस साम्राज्य की नींव रखी।

सुधीर रूपारेलिया का बिजनेस साम्राज्य (Sudhir Ruparelia’s Business Empire)

सुधीर रूपारेलिया ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक हैं और कई बड़े सेक्टरों में उनका निवेश है:

  • स्पीक ग्रुप (Speke Group): इसमें लग्जरी होटल, रिसॉर्ट्स और अपार्टमेंट्स आते हैं। जैसे- स्पीक रिसॉर्ट एंड बीच, कंपाला कंट्री स्पीक होटल, फॉरेस्ट कॉटेज, डॉल्फिन सूट्स, स्पीक अपार्टमेंट्स, चेंटे ओटो हाइट्स, ओवरलैंड अपार्टमेंट्स, और किंगडम कंपाला।
  • प्रीमियर रोजेस लिमिटेड (Premier Roses Limited): वे फूलों के बिजनेस में भी हैं और युगांडा से गुलाब के फूल एक्सपोर्ट करने वाली उनकी सबसे बड़ी कंपनी है। यह लेक विक्टोरिया के किनारे 12 एकड़ में फैली हुई है।
  • गोल्डस्टार इंश्योरेंस (Goldstar Insurance): यह युगांडा की प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियों में से एक है।
  • शिक्षा (Education): इसमें 'कंपाला इंटरनेशनल स्कूल', 'कंपाला पेरेंट्स स्कूल', और 'विक्टोरिया यूनिवर्सिटी' शामिल हैं।
  • अन्य बिजनेस: उनका अपना एक रिक्रूटमेंट सेंटर 'प्रीमियर रिक्रूटमेंट लिमिटेड' है, इसके अलावा उनका अपना रेडियो स्टेशन '88.2 सन एफएम' है और 'वॉन कंस्ट्रक्शन' नाम की एक सिविल इंजीनियरिंग कंपनी भी है जो सरकार के बड़े प्रोजेक्ट्स संभालती है।

जीवन में आए कई उतार-चढ़ाव (The business challenges and financial ups and downs of Sudhir Ruparelia)

साल 2015 में फोर्ब्स ने उनकी कुल संपत्ति 800 मिलियन डॉलर आंकी थी, लेकिन मार्केट के उतार-चढ़ाव और कड़े नियमों की वजह से उन्हें करीब 250 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

साल 2016 में नियमों से जुड़ी दिक्कतों के कारण युगांडा के सेंट्रल बैंक ने क्रेन बैंक को अपने कंट्रोल में ले लिया, जो सुधीर के करियर का एक बहुत बड़ा झटका था। लेकिन रियल एस्टेट और होटल बिजनेस में किए गए अलग-अलग निवेशों की वजह से वे इस संकट से उबर पाए और मार्केट में अपनी पोजीशन बचाए रखी।

इसके बाद नवंबर 2023 तक उन्होंने शानदार वापसी की और अपनी नेट वर्थ को 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंचा दिया, जिससे वे फिर से अफ्रीका के सबसे अमीर अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए।

आज स्पेक ग्रुप ऑफ होटल्स, काबिरा कंट्री क्लब, विक्टोरिया यूनिवर्सिटी, कंपाला पेरेंट्स स्कूल, सान्यू एफएम और युगांडा की सबसे बड़ी फूल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी 'प्रीमियर रोजेज' सब सुधीर के ही हैं। कंपाला में उनके इसी बड़े रियल एस्टेट पोर्टफोलियो की वजह से उन्हें "द लैंडलॉर्ड ऑफ कंपाला" (कंपाला का मकान मालिक) निकनेम से भी जाना जाता है।

बेटे की याद में स्कॉलरशिप की शुरुआत (Tragedy and the establishment of Rajiv Ruparelia Bursary scholarship)

3 मई 2025 को सुधीर के इकलौते बेटे और वारिस राजीव रूपारेलिया की 35 साल की उम्र में एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद उन्होंने अपने बेटे की याद को जिंदा रखने के लिए एक स्कॉलरशिप की शुरुआत की।

विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के 9वें दीक्षांत समारोह (Graduation Ceremony) के दौरान सुधीर और उनकी पत्नी ज्योत्स्ना ने 'राजीव रूपारेलिया बर्सरी' (Rajiv Ruparelia Bursary) शुरू करने का एलान किया। इसके तहत होनहार छात्रों को 100% पूरी तरह से फंडेड पोस्टग्रेजुएट स्कॉलरशिप दी जाती हैं।

ये भी पढ़ें

Vaibhav Suryavanshi Age : वैभव सूर्यवंशी 15 की उम्र में करोड़पति क्रिकेटर, चिकन-मटन छोड़ा, खाते हैं ये चीजें
Published on:
20 May 2026 09:55 am
Also Read
View All