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Sunscreen Time Limit : सनस्क्रीन धूप में जाने से 15 मिनट पहले क्यों लगाएं और कितनी देर बाद दोबारा लगाना है सही? जानिए वैज्ञानिक तथ्य

Sunscreen Time Limit Rule : सनस्क्रीन को लगाने वाले अगर समय का ध्यान रखें तो इससे पूरी तरह फायदा नहीं मिल सकता है। आइए, इससे जुड़ी काम की बात जानते हैं।

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May 16, 2026
Sunscreen Time Limit (प्रतीकात्मक तस्वीर) | Credit- Gemini AI

Sunscreen Time Limit :धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया जाता है। पर, इसको लगाने वाले अगर समय का ध्यान रखते हैं तो असर कम हो सकता है। पबमेड (PubMed) में प्रकाशित प्रोफेसर बी.एल. डिफी (B.L. Diffey) के एक शोध पत्र (PMID: 11712033) में इसके बारे में विस्तार से बताया है जिसको हम नीचे समझेंगे:

अक्सर हेल्थ एक्सपर्ट्स और विज्ञापनों में सलाह दी जाती है कि धूप में जाने से 15 से 30 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाना चाहिए और हर 2 से 3 घंटे में इसे दोबारा (Reapply) लगाना चाहिए। पर, वैज्ञानिक तथ्य क्या सलाह देते हैं;

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फैक्ट 1: धूप में निकलने से 15-30 मिनट पहले लगाना जरूरी

ज्यादातर लोग घर से निकलने के तुरंत पहले सनस्क्रीन लगाते हैं, जो कि बिल्कुल गलत तरीका है। सनस्क्रीन का केमिकल त्वचा की ऊपरी परत में पूरी तरह अवशोषित (Absorb) होने और एक सुरक्षात्मक परत (Protective Barrier) बनाने में कम से कम 15 से 20 मिनट का समय लगता है। अगर आप सूरज की हानिकारक पराबैंगनी किरणें (UV Rays) से त्वचा को बचाने की सोच रहे हैं तो इस समय का ध्यान रखें।

फैक्ट 2: दोबारा लगाने (Reapplication) का नियम ध्यान रखें

आमतौर पर माना जाता है कि सनस्क्रीन को हर 2 या 3 घंटे बाद दोबारा लगाना चाहिए। लेकिन PubMed शोध के अनुसार, यह पारंपरिक नियम पूरी तरह प्रभावी नहीं है।

  • शुरुआती 20 मिनट का फॉर्मूला: शोध के मुताबिक, जब आप पहली बार सनस्क्रीन लगाकर धूप में जाते हैं, तो धूप के संपर्क में आने के ठीक 15 से 30 मिनट के भीतर (आदर्श रूप से 20वें मिनट पर) सनस्क्रीन की दूसरी परत लगा लेनी चाहिए।
  • 60% से 85% तक बेहतर सुरक्षा: रिसर्च में पाया गया कि धूप में जाने के 2 घंटे बाद दोबारा सनस्क्रीन लगाने की तुलना में, यदि शुरुआती 20 मिनट में ही इसे दोबारा लगा लिया जाए, तो त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से 60% से 85% तक अधिक सुरक्षा मिलती है।

शुरुआत में ही दोबारा लगाना क्यों फायदेमंद है?

अध्ययन में स्पष्ट किया गया है कि आम लोग अक्सर सनस्क्रीन की उतनी मात्रा नहीं लगाते जितनी त्वचा को सुरक्षा देने के लिए जरूरी होती है (ज्यादातर लोग जरूरत से आधी मात्रा ही लगाते हैं)। इसके अलावा, कई जगहों पर सनस्क्रीन ठीक से ब्लेंड नहीं हो पाता और त्वचा के कुछ हिस्से छूट जाते हैं।

जब आप धूप में जाने के 15-20 मिनट के भीतर ही दूसरी परत लगा लेते हैं, तो:

  • त्वचा पर सनस्क्रीन की पर्याप्त मात्रा (Density) जमा हो जाती है।
  • पहली बार में छूटे हुए हिस्से (Missed spots) भी कवर हो जाते हैं।
  • आधुनिक वॉटरप्रूफ या वॉटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन त्वचा के साथ बेहतर तरीके से बाइंड (जुड़) जाते हैं, जिससे लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है।

इसके बाद कब लगाएं दोबारा?

शोध के अनुसार, शुरुआती 15-30 मिनट में दूसरी परत लगाने के बाद सनस्क्रीन की प्रभावशीलता काफी बढ़ जाती है। हालांकि, इसके बाद आपको निम्नलिखित स्थितियों में दोबारा सनस्क्रीन लगाना जरूरी हो जाता है:

हैवी एक्टिविटी के बाद: यदि आप स्विमिंग (तैराकी) कर रहे हैं, बहुत अधिक पसीना आ रहा है, या तौलिए से चेहरा/शरीर पोंछ रहे हैं, तो सनस्क्रीन त्वचा से हट जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत दोबारा सनस्क्रीन लगाना चाहिए।

लगातार धूप में रहने पर: यदि आप लंबे समय तक (जैसे आउटडोर जॉब या स्पोर्ट्स में) सीधे सूर्य की रोशनी में हैं, तो हर 2 घंटे में इसे री-अप्लाई करना अनिवार्य है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न शोधों और वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना और शैक्षिक जानकारी प्रदान करना है। इसे किसी बीमारी के उपचार या डॉक्टरी सलाह के रूप में न लें।

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